साहिबगंज: जिला परिषद कार्यालय सभागार में शनिवार को जिला परिषद् अध्यक्ष मोनिका किस्कू की अध्यक्षता में जिला परिषद बोर्ड की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई अहम प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में मुख्य रूप से जिला परिषद के अंतर्गत संवेदकों के नए रजिस्ट्रेशन (श्रेणी II, III एवं IV) शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक के दौरान शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए सदन ने सहायक शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर सवाल उठाए। निर्देशित किया गया कि जो सहायक शिक्षक 6 माह से अधिक समय से एक ही विद्यालय में प्रतिनियुक्त हैं, उनकी प्रतिनियुक्ति तत्काल समाप्त की जाए। साथ ही, 3 साल से अधिक समय से एक ही विद्यालय में जमे सहायक शिक्षकों का स्थानांतरण अन्यत्र करने का निर्देश दिया गया।
चाँदपुर स्वास्थ्य उपकेंद्र से जुड़ी निविदा को रद्द कर दिया गया है। संबंधित संवेदक (SKF Developers) द्वारा बार-बार पत्राचार के बावजूद इकरारनामा नहीं करने के कारण यह कड़ा फैसला लिया गया।
हाट-बाजार लेसी को बड़ी राहत, लेकिन शर्तों के साथ
विगत वर्ष हाट-बाजार की नीलामी लेने वाले लेसी (Lessees) की समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए बोर्ड ने उन्हें 6 माह का समय विस्तार देने का निर्णय लिया है।
- शर्त: यह लाभ केवल उन्हीं लेसी को मिलेगा जिन्होंने इकरारनामा की 100% राशि जमा कर दी है।
- चेतावनी: राशि जमा नहीं करने वाले लेसी के विरुद्ध नीलाम पत्र वाद (Certificate Case) दायर कर वसूली की जाएगी।
पेयजल और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को निर्देश दिया गया कि हैंडपंप लगवाने हेतु प्रत्येक जिला परिषद सदस्य से 5-5 हैंडपंप की अनुशंसा अनिवार्य रूप से ली जाए। इसके अलावा, जिला परिषद मार्केट कॉम्प्लेक्स में लिफ्ट के बेहतर संचालन के लिए उत्सव बैंक्वेट हॉल को ₹10,000 प्रति माह की दर पर रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव पारित हुआ।
इन अधिकारियों और सदस्यों की रही उपस्थिति
बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सतीश चंद्रा, जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव, कार्यपालक पदाधिकारी अनिल कुमार, ITDA परियोजना निदेशक संजय कुमार दास और जिला आपूर्ति पदाधिकारी झुन्नू कुमार मिश्र उपस्थित थे।
साथ ही, जिप सदस्य अब्दुल बारीक शेख, सहनारा बीवी, प्रताप राय, रानी हांसदा, जुबेदा सुल्ताना, मदन हांसदा, सुष्मिता देवी, सबीना किस्कू और रंजो कुमारी सहित अन्य ने अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन के पटल पर रखा।