बरहरवा (साहिबगंज): रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बरहरवा रेलवे स्टेशन पर एक विशेष अभियान चलाकर 06 नाबालिगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। यह कार्रवाई मानव तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से संजीव कुमार के नेतृत्व में देर रात करीब 10:40 बजे की गई।
छापेमारी और तलाशी अभियान
RPF द्वारा चलाए गए इस सघन जांच अभियान में एएसआई सुरेश पासवान, बी.एन. टुडू, कांस्टेबल अमरेश कुमार और महिला कांस्टेबल अर्पण कुमारी व काजल कुमारी शामिल थीं। साथ ही, सामाजिक संस्था बाल मंथन संस्थान की प्रतिनिधि आराधना मंडल ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
फेसबुक के जरिए संपर्क में आए थे तीन बच्चे
अभियान के दौरान स्टेशन परिसर के सर्कुलेटिंग एरिया में छह नाबालिग संदिग्ध अवस्था में पाए गए। पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं:
- तालझाड़ी के तीन बच्चे: इनमें से दो लड़कियां (10 और 17 वर्ष) और एक लड़का (16 वर्ष) साहिबगंज के तालझाड़ी थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इन्होंने बताया कि वे सोशल मीडिया (फेसबुक) के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में आए थे और बिना घर बताए निकल गए थे।
- मौके से भागा युवक: 10 वर्षीय बालिका के साथ एक परिचित युवक भी था, जो आरपीएफ टीम को देखते ही मौके से फरार हो गया।
मजदूरी के लिए जा रहे थे अन्य तीन बालक
बाकी के तीन बालक (आयु 16 और 17 वर्ष) साहिबगंज के कोटालपोखर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे बिना परिजनों को सूचना दिए मजदूरी करने के लिए पटना (बिहार) जाने की योजना बनाकर स्टेशन पहुंचे थे।
नाबालिगों के बयान असंतोषजनक और संदिग्ध पाए जाने पर, आरपीएफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें अपनी सुरक्षा में लिया। सभी बच्चों को आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लाया गया, जहाँ कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
सभी 06 नाबालिगों को उचित परामर्श और संरक्षण हेतु बाल मंथन संस्थान की प्रतिनिधि आराधना मंडल के सुपुर्द कर दिया गया है। आरपीएफ अब इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई और उनके परिजनों से संपर्क साधने की प्रक्रिया में जुटी है।