राजमहल: राजमहल अंचल के फतेहजंगपुर (मटियाल) मौजा में कोर्ट के आदेश पर दखलदेहानी करने पहुंची टीम के विरोध मामले में अब नया मोड़ आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी-सह-अंचल निरीक्षक प्रवीण कुमार के लिखित बयान पर राजमहल थाना में कांड संख्या 185/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज किया गया है। दर्ज एफआईआर में मटियाल निवासी अब्दुल शेख, रफीकुल शेख और आसमा खातून (तीनों के पिता मुन्नी शेख) को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा नाजायज मजमा (गैरकानूनी भीड़) बनाकर हंगामा करने वाले करीब 30 से 40 अज्ञात लोगों को भी इस केस में आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सब-इंस्पेक्टर पवन यादव को इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
अंचल निरीक्षक द्वारा थाने को दिए गए आवेदन के अनुसार, वे 11 जून 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी के आदेशानुसार व्यवहार न्यायालय के नाजीर नीरज मेहरा, अमीन समरुद्दीन, पुलिस अधिकारियों और भारी पुलिस बल के साथ फतेहजंगपुर के प्लॉट नंबर 0070 (रकबा 1 बीघा 03 कट्ठा) पर सीनियर सिविल जज प्रथम श्रेणी के आदेश (टी.एस. नंबर 81/2007 व इजराय वाद सं. 04/23) के तहत दखलदेहानी का कार्य कराने पहुंचे थे। प्रशासनिक टीम ने जैसे ही अपनी वैधानिक प्रक्रिया शुरू की, वैसे ही आरोपियों के नेतृत्व में 30-40 लोगों की अनियंत्रित भीड़ ने नाजायज मजमा बनाकर जबरदस्त हंगामा शुरू कर दिया। दंडाधिकारी द्वारा भीड़ को समझाने और शांत कराने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन उत्तेजित भीड़ ने प्रशासन की एक न सुनी।
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि विरोध पर अड़े नामजद आरोपियों और अज्ञात भीड़ द्वारा दखलदेहानी की कार्रवाई में लगे दंडाधिकारी, कोर्ट नाजीर, अमीन और पुलिस बल के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस दौरान आरोपियों ने स्वयं पर और वहां मौजूद अन्य लोगों पर किरोसिन तेल छिड़ककर आत्मदाह करने की धमकी दी। स्थिति तब और बिगड़ गई जब अनियंत्रित भीड़ ने जान से मारने की नीयत से प्रशासनिक टीम पर ईंट-पत्थर चलाकर हमला बोल दिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर हुए इस पथराव और बेहद हिंसक होती स्थिति को देखते हुए जान-माल की सुरक्षा के लिहाज से दखलदेहानी के कार्य को तत्काल स्थगित करना पड़ा था।