राजमहल/तीनपहाड़: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अबुआ आवास योजना’ में राशि का उठाव कर गृह निर्माण कार्य शुरू नहीं करने वाले लापरवाह लाभुकों के खिलाफ राजमहल प्रखंड प्रशासन ने अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मो यूसुफ ने राजमहल प्रखंड के अंतर्गत वैसे सभी लाभुकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है, जिन्होंने आवास निर्माण के लिए दी गई पहली किस्त प्राप्त होने के बाद भी अब तक प्लिंथ लेवल का कार्य प्रारंभ नहीं किया है। इस लापरवाही के कारण प्रखंड में आवास पूर्णता की गति काफी धीमी हो गई है, जिसे देखते हुए बीडीओ ने राजमहल थाना और तीनपहाड़ थाना को लाभुकों की सूची प्रेषित कर सनाहा शिकायत पत्र दर्ज कराया है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा थानों को भेजे गए आधिकारिक पत्र के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के तहत चयनित लाभुकों को प्रथम किस्त के रूप में ₹30,000 की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी गई थी ताकि वे प्लिंथ स्तर तक का निर्माण कार्य समय पर पूरा कर सकें। हालांकि, इस राशि को प्राप्त किए हुए डेढ़ से दो वर्ष का लंबा समय बीत जाने के बाद भी प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के 150 से अधिक लाभुकों ने अपने स्तर से निर्माण कार्य की शुरुआत ही नहीं की। प्रशासन ने इसे सरकारी राशि का जानबूझकर दुरुपयोग और गबन की नीयत माना है।
इस मामले में बीडीओ मो यूसुफ ने बताया कि पूर्व में संबंधित पंचायतों के आवास प्रभारियों और रोजगार सेवकों के माध्यम से सभी लापरवाह लाभुकों को नोटिस निर्गत कर कार्य अविलंब प्रारंभ करने के कड़े निर्देश दिए गए थे। इसके अतिरिक्त, स्वयं बीडीओ द्वारा क्षेत्र भ्रमण और औचक निरीक्षण के दौरान कई लाभुकों को मौके पर ही कार्य शुरू करने की अंतिम चेतावनी भी दी गई थी। साथ ही, विभिन्न ग्रामीण इलाकों में माइकिंग कराकर भी लोगों को जागरूक और सचेत किया गया था, लेकिन इसके बावजूद लाभुकों की उदासीनता बरकरार रही।
प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए इस कदम के तहत राजमहल प्रखंड के विभिन्न पंचायतों जैसे दाहुटोला, गदाई महाराजपुर दियारा, घाट जमनी, गुनिहारी, कसवा, खुटहरी, लक्ष्मीपुर, लालमाटी, महासिंगपुर, मोकिमपुर, प्राणपुर, सैदपुर, समसपुर, बाबुपुर, दरला, पररिया एवं तेतुलिया आदि के चिन्हित लाभुकों की सूची संबंधित थानों को सौंप दी गई है। बीडीओ मो यूसुफ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि थानों में सनाहा दर्ज होने के बाद लाभुकों को एक सप्ताह (7 दिन) का अंतिम समय दिया जा रहा है। अगर इसके बाद भी निर्माण कार्य में प्रगति नहीं दिखाई देती है, तो सरकारी राशि के गबन के आरोप में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
इसके साथ ही बीडीओ ने सभी पंचायतों के आवास प्रभारियों, रोजगार सेवकों और जनसेवकों को एक विशेष अभियान चलाकर क्षेत्र में आवास निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और प्रगति लाने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने साफ किया है कि जो लाभुक अब भी निर्माण कार्य प्रारंभ करने में रुचि नहीं दिखाएंगे, उनसे सरकारी नियमों के तहत पूर्व में दी गई ₹30,000 की राशि को ब्याज सहित वसूलने की प्रक्रिया तेजी से अमल में लाई जाएगी।
