साहिबगंज: समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में ‘जिला खनन टास्क फोर्स’ की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन को जड़ से समाप्त करने के लिए सख्त रणनीति तैयार की गई।
अनधिकृत ईंट-भट्टों पर चलेगा बुलडोजर
उपायुक्त ने जिले के भीतर संचालित सभी अवैध चिमनी भट्टों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि:
- सभी अनाधिकृत चिमनी भट्टों को अविलंब नोटिस जारी किया जाए।
- यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक क्लीयरेंस (Clearance) प्राप्त नहीं की जाती है, तो नियमानुसार उन भट्टों को ध्वस्त (Demolish) करने की कार्रवाई की जाए।
- ईंट निर्माण में प्रयुक्त होने वाली मिट्टी के अवैध परिवहन पर भी पूर्णतः रोक लगाई जाए।
जांच और निगरानी के लिए टास्क फोर्स सक्रिय
बैठक में उपायुक्त ने जिला एवं अनुमंडल स्तरीय टास्क फोर्स के सदस्यों को ईंट, बालू, पत्थर और मिट्टी के परिवहन की नियमित जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित सभी खनन नाकों का नियमित पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार के अवैध उत्खनन की जानकारी मिलते ही त्वरित कार्रवाई (Instant Action) करने का आदेश दिया गया।
परिवहन नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी
उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) को स्पष्ट निर्देश दिए कि खनिजों के परिवहन के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं की कड़ाई से जांच करें:
- चालान की वैधता: बिना वैध चालान के कोई भी वाहन नहीं गुजरना चाहिए।
- लोडिंग मानक: वाहन क्षमता से अधिक (Overloading) सामान न लदा हो और खनिज पूरी तरह से ढका होना चाहिए।
- वाहन संरचना: जिन गाड़ियों को अवैध रूप से ‘मॉडिफाई’ या ‘ऑल्टर’ किया गया है, उन पर कठोर कार्रवाई की जाए।
- NGT आदेश: एनजीटी के आदेशों का हर हाल में अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में थे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग, उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत, अनुमंडल पदाधिकारी (राजमहल) सदानंद महतो, जिला खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू, जिला आपूर्ति पदाधिकारी झुन्नु कुमार मिश्रा, सदर एसडीपीओ विजय कुस्वाहा सहित अन्य मौजूद थे।