साहिबगंज: स्थानीय साहिबगंज कॉलेज परिसर में मंगलवार को भारत रत्न एवं भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कॉलेज के डॉ. भीमराव अंबेडकर कल्याण छात्रावास से एक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। बाबा साहेब के जयघोष से पूरा परिसर गुंजायमान रहा।
श्रद्धासुमन और विचार गोष्ठी
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ डॉ. रंजित कुमार सिंह (प्राचार्य, मॉडल कॉलेज साहिबगंज) की अध्यक्षता में हुआ। उपस्थित अतिथियों ने बाबा साहेब के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पश्चात कॉलेज परिसर में ‘सामाजिक न्याय और डॉ. अंबेडकर’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
वक्ताओं के विचार
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए मॉडल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रंजित कुमार सिंह ने कहा:
“डॉ. अंबेडकर का संपूर्ण जीवन संघर्ष, समानता और सामाजिक न्याय की मिसाल है। युवाओं को उनके ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के मूल मंत्र को अपने जीवन में उतारना चाहिए।”
साहिबगंज कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सैयद रज़ा इमाम रिजवी ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब केवल एक संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि एक महान अर्थशास्त्री और समाज सुधारक भी थे। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाकर एक समतामूलक समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
जयंती समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभक्ति गीतों, ओजपूर्ण भाषणों और नृत्य के माध्यम से विद्यार्थियों ने बाबा साहेब के जीवन और उनके योगदान को जीवंत कर दिया।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में थे शिक्षाविद् और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित :
- शिक्षक गण: डॉ. सिदाम सिंह मुंडा, डॉ. प्रमोद दास, डॉ. सैमी विक्टर मरांडी, डॉ. संतोष कुमार चौधरी, डॉ. दिनेश कुमार यादव, डॉ. प्रसन्नजीत, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. रीना कुमारी, डॉ. अक्षय कुमार एवं डॉ. सुनीता कुमारी।
- अन्य अतिथि: संजीव रजक, दिवाकर, अभिलाषा, छोटू पासवान।
- छात्र प्रतिनिधि: विनोद मुर्मू सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों के बीच बाबा साहेब के संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति नई चेतना जागृत की।