Final Result West Bengal Election
Final Result West Bengal Election
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न्यूज़ डेस्क,कोलकाता/नई दिल्ली | 4 मई, 2026 | रात 10:15 PM
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नए युग की शुरुआत हुई है। 2026 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए ममता बनर्जी के 15 साल के किले को ढहा दिया है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा (147) पार करते हुए 208 सीटों पर जीत और बढ़त के साथ अपनी पहली सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है।

दिग्गज नेताओं का हाल:

इस चुनाव में राज्य के कई कद्दावर नेताओं की साख दांव पर थी। यहाँ मुख्य हार-जीत की सूची दी गई है:

दिग्गज नेतासीटपार्टीस्थितिअंतर/अपडेट
ममता बनर्जीभवानीपुरTMCहारसुवेंदु अधिकारी से 15,105 वोटों से हार
सुवेंदु अधिकारीभवानीपुरBJPजीतमुख्यमंत्री को उनके ही गढ़ में मात दी
अभिषेक बनर्जीडायमंड हार्बरTMCजीतकड़े मुकाबले के बाद अपनी सीट बचाने में सफल
दिलीप घोषखड़गपुर सदरBJPजीतभारी अंतर से जीत दर्ज की
अधीर रंजन चौधरीबहरामपुरCongressहारभाजपा के सुब्रत मैत्र (कंचन) ने हराया

मालदा और मुर्शिदाबाद: सीमावर्ती जिलों का ‘क्लाइमेक्स’

इन दोनों जिलों ने हमेशा की तरह इस बार भी चौंकाया है, जहाँ कांग्रेस का सूपड़ा लगभग साफ हो गया है:

  • मालदा (12 सीटें): भाजपा ने यहाँ क्लीन स्वीप जैसी स्थिति पैदा कर दी है। इंग्लिश बाजार और गाजोल जैसी सीटों पर भाजपा ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले सुजापुर में भी TMC की सबिना येस्मिन ने कांग्रेस को तीसरे नंबर पर धकेल दिया है।
  • मुर्शिदाबाद (22 सीटें): यहाँ सबसे बड़ा उलटफेर हुआ है। बहरामपुर में ‘बर्दवान के राजा’ कहे जाने वाले अधीर रंजन चौधरी की हार ने कांग्रेस को हिला कर रख दिया है। जंगीपुर और शमशेरगंज में TMC ने अपनी पकड़ बचाए रखी है, लेकिन जिले की 6 सीटों पर भाजपा ने पहली बार जीत का स्वाद चखा है।

अनुमानित स्थिति – 293/294 सीटें

  1. BJP+: 206
  2. TMC: 81
  3. Congress: 02
  4. वामपंथी (Left): 01
  5. अन्य: 03
    (नोट: यह रिपोर्ट रीयल-टाइम रुझानों पर आधारित है। आंकड़ों में मामूली बदलाव संभव है। फलटा सीट पर मतदान स्थगित होने के कारण 293 सीटों के आंकड़े उपलब्ध हैं।)

विश्लेषण: क्यों हारी TMC और कैसे जीती BJP?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरजी कर (RG Kar) मामले ने महिलाओं के बीच ममता सरकार की छवि को भारी नुकसान पहुँचाया। वहीं, भ्रष्टाचार और सीमावर्ती जिलों में घुसपैठ के मुद्दे पर भाजपा का ‘ध्रुवीकरण’ कार्ड सफल रहा। झारखंड की सीमा से लगे जिलों (जैसे मालदा) में आदिवासियों और मतुआ समुदाय का वोट पूरी तरह भाजपा के पक्ष में गया है।

अगला कदम: भाजपा विधायक दल की बैठक कल कोलकाता में हो सकती है, जहाँ नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी।

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