योगाभ्यास करते उपायुक्त एवं एसपी साहिबगंज की तस्वीर

साहेबगंज : 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर साहेबगंज जिला प्रशासन के तत्वावधान में सिद्धू-कान्हू इंडोर स्टेडियम में एक भव्य और प्रेरणादायक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की वैश्विक थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ को केंद्र में रखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम ने जिले में स्वास्थ्य के प्रति एक नई अलख जगाई है। सूर्य की पहली किरणों के साथ ही स्टेडियम योग साधकों की ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा, जहां विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने एक साथ आकर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न केवल योग के शारीरिक लाभों को रेखांकित करना था, बल्कि समाज में इस प्राचीन भारतीय विद्या के माध्यम से अनुशासन, मानसिक शांति और एक स्वस्थ जीवनशैली को जन-जन तक पहुँचाना था। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए जिले के आला अधिकारियों, प्रशासनिक सेवा के कर्मियों, छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में उत्साही नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे पूरा परिसर सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बन गया।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात साहेबगंज के उपायुक्त दीपक कुमार दूबे, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह और वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग ने संयुक्त रूप से योग के महत्व पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में अधिकारियों ने योग को केवल एक व्यायाम न मानकर इसे जीवन जीने की एक पद्धति बताया, जो वृद्धावस्था में भी शरीर और मन को सुदृढ़ बनाए रखने में सक्षम है। कुशल योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सत्र की शुरुआत सूक्ष्म व्यायाम और प्राणायाम से हुई। इसके बाद प्रतिभागियों ने ताड़ासन, त्रिकोणासन, वज्रासन और भुजंगासन जैसे महत्वपूर्ण आसनों का अभ्यास किया। विशेष रूप से ‘स्वस्थ वृद्धावस्था’ थीम को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षकों ने ऐसे आसनों पर जोर दिया जो जोड़ों के स्वास्थ्य, लचीलेपन और दीर्घायु के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने अनुशासन के साथ योगाभ्यास में भाग लेकर आम जनता के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया कि कैसे व्यस्ततम कार्यशैली के बीच भी स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा सकती है।

योग दिवस का यह व्यापक प्रभाव केवल सिद्धू-कान्हू इंडोर स्टेडियम तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे साहेबगंज जिले में एक जन-आंदोलन का रूप ले लिया। जिले के सभी प्रखंडों, सुदूरवर्ती पंचायतों, सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों और विभिन्न विभागीय कार्यालयों में भी सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस व्यापक भागीदारी में शिक्षकों, पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, स्वास्थ्य कर्मियों और स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय महिलाओं की भूमिका सराहनीय रही। इन कार्यक्रमों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता की खाई को पाटने का कार्य किया। विशेषकर स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के बीच योग को लेकर दिखा उत्साह यह दर्शाता है कि स्वस्थ जीवनशैली की यह मुहिम समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही है। प्रशासन की ओर से की गई इस व्यापक व्यवस्था ने यह सुनिश्चित किया कि योग का संदेश हर घर तक पहुंचे, जिससे ‘योग से निरोग’ के संकल्प को साकार किया जा सके।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने न केवल स्वस्थ रहने का, बल्कि योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का दृढ़ संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल एक दिवसीय कार्यक्रम सिद्ध हुआ, बल्कि जिले में दीर्घकालिक स्वास्थ्य जागरूकता, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में दर्ज हुआ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इस भव्य आयोजन ने साहेबगंज की सामाजिक एकजुटता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को एक नई ऊंचाई प्रदान की है। यह स्पष्ट है कि इस तरह के आयोजन भविष्य में भी नागरिकों को शारीरिक रूप से सक्रिय और मानसिक रूप से शांत रहने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। कार्यक्रम के अंत में प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सम्मिलित प्रयासों से साहेबगंज में योग दिवस का यह महा आयोजन एक स्मरणीय और सफल कार्यक्रम बन सका, जो आने वाले समय में स्वास्थ्य के प्रति समाज को सदैव प्रेरित करेगा।

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