तीनपहाड़। क्षेत्र में शुक्रवार को मुहर्रम का पर्व अत्यंत शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद करते हुए अकीदतमंदों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरा क्षेत्र “या हुसैन, या हुसैन” के नारों से गुंजायमान हो उठा।
मुहर्रम के अवसर पर मुख्य ताज़िया व भव्य अखाड़ा जुलूस तीनपहाड़ इमामबाड़ा चौक से रवाना हुआ। यह जुलूस पारंपरिक मार्गों से होते हुए नीचेटोला, तीनपहाड़ बाजार और हाथीगढ़ का भ्रमण कर देर रात्रि कर्बला पहुंचा, जहां इसका विधिवत समापन हुआ। जुलूस में मुस्लिम समुदाय के युवाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में शिरकत की।
जुलूस के दौरान स्थानीय अखाड़ों के खिलाड़ियों ने पारंपरिक हथियारों के साथ हैरतअंगेज और शौर्यपूर्ण करतब दिखाए, जो लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। इन पारंपरिक खेलों और कलाबाजी को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ा था।
प्रशासनिक सतर्कता से शांतिपूर्ण रहा आयोजनपर्व को लेकर स्थानीय प्रशासन बेहद मुस्तैद दिखा। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में पुलिस बल पूरे जुलूस मार्ग पर तैनात रहा।
पुलिस प्रशासन की सक्रियता और मुहर्रम कमेटी के अनुशासित सहयोग से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ। इस मौके पर मुहर्रम कमेटी के पदाधिकारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
तीनपहाड़ से मिथुन यादव की रिपोर्ट
