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साहिबगंज : साहिबगंज की बेटी निहारिका सिन्हा ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 365वां रैंक प्राप्त कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे साहिबगंज में खुशी और गर्व का माहौल है।अपनी सफलता के उपरांत निहारिका सिन्हा ने बुधवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त हेमंत सती से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उपायुक्त ने उन्हें पुष्प गुच्छ एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मौके पर उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता गौतम भगत, परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास, जिला आपूर्ति पदाधिकारी झुनु कुमार मिश्रा, जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष ने भी निहारिका को पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया और उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी।

सेंट जेवियर्स स्कूल (अंग्रेजी), साहिबगंज से की थी मैट्रिक :

साहिबगंज शहर के कुलीपाड़ा निवासी निहारिका सिन्हा एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता निरंजन सिन्हा पेशे से दर्जी (टेलर) हैं, जबकि माता शबनम कुमारी स्वास्थ्य विभाग में एएनएम के पद पर कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद निहारिका ने अपने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह सफलता प्राप्त की है।

निहारिका शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में सेंट जेवियर्स स्कूल (अंग्रेजी), साहिबगंज से मैट्रिक, वर्ष 2020 में जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली रांची से इंटरमीडिएट तथा वर्ष 2023 में सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता से राजनीति शास्त्र में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली जाकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। वर्ष 2024 में पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन हार न मानते हुए दूसरे प्रयास में वर्ष 2025 में 365वीं रैंक प्राप्त कर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।

निहारिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं गुरुजनों को दिया है।इस अवसर पर उपायुक्त हेमंत सती ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों के बेहतर मार्गदर्शन के लिए साहिबगंज में फूलो-झानो डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। उन्होंने निहारिका सिन्हा से अनुरोध किया कि समय-समय पर डिजिटल लाइब्रेरी में आकर यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को अपना अनुभव साझा करें तथा करियर मार्गदर्शन प्रदान करें, ताकि जिले के अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं उनसे प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।

निहारिका की इस उपलब्धि से जिले के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है कि दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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