साहिबगंज: विश्व जनसंख्या दिवस के विशेष अवसर पर शनिवार को जिला स्वास्थ्य समिति, साहिबगंज द्वारा ‘जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा-2026’ का विधिवत शुभारंभ किया गया। स्थानीय सदर अस्पताल में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान साहिबगंज के उप विकास आयुक्त (DDC) सतीश चंद्रा एवं सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रामदेव पासवान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर इस विशेष अभियान की शुरुआत की। 11 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस एक महीने के अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूक करना है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर एक विशेष ‘परिवार नियोजन जागरूकता रथ’ को रवाना किया। यह रथ अभियान की अवधि के दौरान जिले के सुदूर और विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों को छोटे परिवार के महत्व और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करेगा।
‘छोटा परिवार, सुखी परिवार’ केवल नारा नहीं, समृद्ध समाज की आधारशिला: उप विकास आयुक्त
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा ने “हम दो, हमारे दो” के संदेश पर जोर देते हुए कहा कि यह सिद्धांत आज के दौर में भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने बढ़ती आबादी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
“वर्तमान में देश की जनसंख्या 140 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जो सीधे तौर पर विकास की गति को प्रभावित करती है। सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ तभी मिल सकता है, जब हर नागरिक छोटे और संतुलित परिवार की अवधारणा को स्वीकार करे।”
उन्होंने अपील की कि इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाकर एक स्वस्थ और समृद्ध समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से औसत आयु में हुई वृद्धि: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार के कारण देश में मृत्यु दर में कमी आई है और लोगों की औसत आयु बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सतत विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और सीमित संसाधनों के सही उपयोग के लिए जनसंख्या स्थिरता बेहद जरूरी है।
डॉ. पासवान ने जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों, एएनएम और सहिया कार्यकर्ताओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक योग्य दंपतियों (Target Couples) तक पहुंचें और उन्हें परिवार नियोजन के साधनों के बारे में आवश्यक परामर्श और सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
नुक्कड़ नाटक और विशेष स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र, स्वास्थ्यकर्मी सम्मानित
- उत्कृष्ट कार्य करने वाले सम्मानित: परिवार नियोजन कार्यक्रम में शानदार योगदान देने वाली GNM, ANM, सहिया साथी और सहियाओं को कार्यक्रम में मंच पर सम्मानित किया गया।
- ‘नई पहल किट’ का वितरण: योग्य दंपतियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से “नई पहल किट” प्रदान की गई और उन्हें बच्चों के जन्म में अंतराल (Spacing) और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी गई।
- जागरूकता के अनोखे प्रयास: आम लोगों को आसानी से समझाने के लिए कार्यक्रम स्थल पर एक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जिसके माध्यम से छोटे परिवार के फायदों को रोचक अंदाज में पेश किया गया। इसके अलावा, अस्पताल परिसर में विभिन्न प्रकार के गर्भनिरोधक साधनों (Contraceptives) की प्रदर्शनी और मुफ्त वितरण के लिए एक विशेष स्टॉल भी लगाया गया।
यह अभियान 10 अगस्त 2026 तक पूरे जिले में व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा, ताकि जनसंख्या स्थिरता के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।