कोलकाता : पूर्व रेलवे के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 उपलब्धियों भरा रहा है। महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में रेलवे ने बुनियादी ढांचे के विकास, ट्रेनों की रफ्तार और यात्रियों की संख्या में नई ऊंचाइयों को छुआ है। इस दौरान न केवल यात्री सेवाओं का विस्तार किया गया। बल्कि रेलवे की आय में भी पिछले वर्ष के मुकाबले 11.62% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आंकड़ों की बात करें तो इस साल कुल 1322.84 मिलियन लोगों ने पूर्व रेलवे से यात्रा की, जबकि औद्योगिक रसद (लॉजिस्टिक्स) क्षेत्र में 101.72 मिलियन टन माल ढुलाई का रिकॉर्ड बना। रेलवे ने कबाड़ (स्क्रैप) की बिक्री से भी 600.11 करोड़ रुपये की मोटी कमाई की है। प्रशासनिक सुधारों के कारण परिचालन क्षमता में यह बड़ा सुधार देखने को मिला है।
कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पूर्व रेलवे ने इस साल कुल 24 नई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू की। इनमें अत्याधुनिक सुविधाओं वाली 14 अमृत भारत और 2 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए 10 पैसेंजर ट्रेनें और 48 नई ईएमयू सेवाएं भी शुरू की गई हैं, जिनमें 10 एसी लोकल ट्रेनें शामिल हैं। ट्रेनों की समयबद्धता (Punctuality) में भी सुधार हुआ है, जिससे अब ज्यादा ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर स्टेशन पहुँच रही हैं।
यात्रियों के सफर को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए 16 जोड़ी ट्रेनों के पुराने कोच बदलकर नए एलएचबी (LHB) कोच लगाए गए हैं। साथ ही 32 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर 110 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न ट्रेनों में 2000 से अधिक अतिरिक्त कोच जोड़े गए और त्योहारों व विशेष अवसरों पर 5000 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। सुरक्षा के लिहाज से 42 लेवल क्रॉसिंग गेटों पर सुरक्षा के नए इंतजाम किए गए हैं।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने इन उपलब्धियों पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सफलता रेल कर्मचारियों की मेहनत और सही रणनीतिक दिशा का परिणाम है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में पूर्व रेलवे को एक विश्वस्तरीय परिवहन नेटवर्क बनाने का लक्ष्य जारी रहेगा।