कोलकाता : भारतीय रेलवे अपनी सुरक्षा तकनीक को लेकर एक नए युग में प्रवेश कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार को पूर्व रेलवे (Eastern Railway) ने हावड़ा-नई दिल्ली मुख्य मार्ग पर बर्द्धमान और प्रधानखुंटा के बीच 155 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ (Kavach) को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है।इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ ही, चालू वित्त वर्ष में पूर्व रेलवे अब तक कुल 260 किलोमीटर रेल नेटवर्क को कवच सिस्टम से लैस कर चुका है।
क्या है ‘कवच’ और क्यों है खास :
कवच एक ‘एंटी-कोलिजन’ (टक्कर रोधी) तकनीक है। यह प्रणाली एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों के आने की स्थिति में उन्हें टकराने से रोकती है। साथ ही, खराब मौसम या कोहरे के दौरान भी यह ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन में मदद करती है।
शानदार वित्तीय प्रदर्शन : खर्च घटा और कमाई बढ़ी
पूर्व रेलवे ने न केवल सुरक्षा, बल्कि वित्तीय प्रबंधन में भी शानदार आंकड़े पेश किए हैं। रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
बचत में रिकॉर्ड: पिछले वर्ष के मुकाबले परिचालन व्यय (Operating Expenses) में 14.55% की कमी आई है।
यात्री राजस्व में उछाल: फरवरी 2026 में यात्री किराए से 244.22 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जो पिछले साल की तुलना में 12.01% अधिक है।
कबाड़ (Scrap) से मोटी कमाई: स्क्रैप की बिक्री से फरवरी में 70.22 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो कि निर्धारित लक्ष्य (54.5 करोड़) से लगभग 29% ज्यादा है।
एक नजर में प्रमुख उपलब्धियां
| क्षेत्र | उपलब्धि / वृद्धि |
| कवच कार्यान्वयन | 155 KM (बर्द्धमान-प्रधानखुंटा खंड) |
| कुल ‘कवच’ कवरेज | 260 KM (इस वित्त वर्ष में) |
| परिचालन व्यय | 14.55% की कमी |
| स्क्रैप सेल रेवेन्यू | 70.22 करोड़ रुपये |
”पूर्व रेलवे का यह समग्र दृष्टिकोण न केवल रेल यात्रा को सुरक्षित बना रहा है, बल्कि मजबूत आर्थिक विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे की ओर भी कदम बढ़ा रहा है।”