कार्यक्रम में मौजूद अतिथि
कार्यक्रम में मौजूद अतिथि
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राजमहल (साहिबगंज): स्थानीय मॉडल कॉलेज राजमहल में गुरुवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की यूनिट–1 एवं यूनिट–2 के तत्वावधान में सात दिवसीय विशेष शिविर का विधिवत उद्घाटन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित यह शिविर कॉलेज द्वारा गोद लिए गए ग्राम सालबनी एवं भाटोटोला में संचालित किया जा रहा है।

अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं गणमान्य जनों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर तथा अमर शहीद सिदो-कान्हु मुर्मू के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि अंचलाधिकारी मोहम्मद यूसुफ, नगर पंचायत प्रशासक दानिश हुसैन, डॉ. सुब्रत सिंह एवं सामाजिक कार्यकर्ता मुर्शिद राजा उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुक अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति स्वरूप पौधा भेंट कर सम्मानित किया।

एनएसएस के उद्देश्यों पर प्रकाश

शिविर के आरंभ में एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रमजान अली ने राष्ट्रीय सेवा योजना का संक्षिप्त परिचय दिया। उन्होंने स्वयंसेवकों को एनएसएस के मूल उद्देश्यों, आदर्शों और समाज सेवा में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

nss students

अतिथियों ने युवाओं को किया प्रेरित

  • दानिश हुसैन (नगर पंचायत प्रशासक): उन्होंने स्वयंसेवकों में ऊर्जा भरते हुए कहा कि युवाओं को समाज में सकारात्मक बदलाव का वाहक बनना चाहिए। साथ ही उन्होंने विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर जन-जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
  • मोहम्मद यूसुफ (अंचलाधिकारी): उन्होंने व्यावहारिक सीख देते हुए कहा कि दूसरों को जागरूक करने से पहले स्वयं का जागरूक होना अनिवार्य है, तभी हम समाज को प्रभावी संदेश दे सकते हैं।
  • मुर्शिद राजा (सामाजिक कार्यकर्ता): उन्होंने समर्पण भाव पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी कार्य या संकल्प की सफलता केवल सच्चे कर्म और निष्ठा से ही सिद्ध होती है।

प्राचार्य का अध्यक्षीय संबोधन

अपने अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने एनएसएस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह योजना छात्रों के व्यक्तित्व विकास, चरित्र निर्माण और नेतृत्व क्षमता को निखारने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा:

“एनएसएस युवाओं को समाज सेवा के जरिए एक जिम्मेदार नागरिक बनाता है। यह समाज को जागरूक, संवेदनशील और उत्तरदायी बनाने का बेहतरीन मंच है। हमारे स्वयंसेवकों को खुद जागरूक होकर समाज में चेतना का संदेश फैलाना होगा।”

शिक्षकों और स्वयंसेवकों की रही गरिमामयी उपस्थिति

उद्घाटन सत्र के समापन पर डॉ. अमित कुमार ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस विशेष अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, गैर-शिक्षण कर्मचारी और राष्ट्रीय सेवा योजना के सैकड़ों स्वयंसेवक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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