निरिक्षण के दौरान सिविल सर्जन , अस्पताल उपाधीक्षक व अन्य
निरिक्षण के दौरान सिविल सर्जन , अस्पताल उपाधीक्षक व अन्य

राजमहल: क्षेत्र की जनता को बेहतर, पारदर्शी और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राजमहल अनुमंडलीय अस्पताल ने एक नया मुकाम हासिल किया है। अस्पताल का जायजा लेने के लिए साहिबगंज जिले के सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने अचानक अस्पताल का रुख किया और औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वार्डों, ओपीडी, लेबर रूम और पैथोलॉजी लैब का बारीकी से मुआयना करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ग्राउंड जीरो पर सिविल सर्जन का निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन के साथ अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. उदय टुडु और चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गुफरान आलम समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। डॉ. पासवान ने अस्पताल में मरीजों को मिल रही सेवाओं पर खुशी जताते हुए कहा कि अस्पताल प्रबंधन स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

सालों का इंतजार खत्म: शुरू हुए जटिल ऑपरेशन

मीडिया से बात करते हुए सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने क्षेत्रवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर दी। उन्होंने बताया कि सालों के लंबे इंतजार के बाद राजमहल अनुमंडलीय अस्पताल में अब सिजेरियन डिलीवरी और हिस्टेक्टॉमी (बच्चेदानी का ऑपरेशन) जैसी जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक शुरू कर दी गई हैं।

पहले इन सुविधाओं के अभाव में स्थानीय गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को इलाज के लिए साहिबगंज जिला मुख्यालय या दूसरे बड़े शहरों के महंगे चक्कर काटने पड़ते थे। अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के साथ ये सभी जटिल ऑपरेशन यहीं स्थानीय स्तर पर संभव हो रहे हैं।

दैनिक ओपीडी में 400 तक मरीज, फ्री जांच और दवाइयां

अस्पताल की बढ़ती विश्वसनीयता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां प्रतिदिन औसतन 300 से 400 मरीज ओपीडी में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। आने वाले सभी मरीजों को सरकार की ओर से पूरी तरह नि:शुल्क दवाएं और पैथोलॉजी जांच की सुविधाएं दी जा रही हैं।

शीघ्र शुरू होगी मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवा

अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा के सवाल पर सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि सेवा संचालन के लिए संबंधित डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति पहले ही की जा चुकी है। फिलहाल अल्ट्रासाउंड मशीन में कुछ तकनीकी खराबी आ गई है, जिसे ठीक करने के लिए तकनीशियन लगे हुए हैं। जैसे ही यह तकनीकी अड़चन दूर होगी, मरीजों को अस्पताल परिसर में ही बिल्कुल मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलने लगेगी।

अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

अस्पताल के आसपास फल-फूल रहे अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर रुख साफ करते हुए डॉ. पासवान ने कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर बिना मान्यता के चल रहे अवैध सेंटरों का कोई भी मामला सामने आता है, तो विभाग बिना किसी ढिलाई के सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

जनप्रतिनिधियों और मीडिया से विशेष सहयोग की अपील

अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सिविल सर्जन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मीडियाकर्मियों से आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध नई अत्याधुनिक सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार होना बेहद जरूरी है, ताकि दूर-दराज के जरूरतमंद ग्रामीण भी इसका पूरा लाभ उठा सकें।

प्रशासन का अंतिम लक्ष्य राजमहल अनुमंडलीय अस्पताल को जिला सदर अस्पताल के समकक्ष लाकर खड़ा करना है, ताकि क्षेत्र के हर नागरिक को उसके घर के पास ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

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