साहेबगंज : साहेबगंज स्थित पीएम श्री उत्क्रमित नगरपालिका कन्या उच्च विद्यालय की कक्षा 9वीं और 10वीं की छात्राओं के लिए एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। विद्यालय की 12 छात्राओं के दल ने स्थानीय मिट्टी जाँच प्रयोगशाला का दौरा कर कृषि विज्ञान और मृदा स्वास्थ्य से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी हासिल की।
मृदा परीक्षण और वैज्ञानिक खेती का लिया व्यावहारिक अनुभव
भ्रमण के दौरान सहायक मिट्टी रसायनज्ञ ने छात्राओं को मिट्टी नमूना एकत्र करने की सही वैज्ञानिक तकनीक, जाँच प्रक्रिया और मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) के लाभों के बारे में विस्तार से समझाया।
छात्राओं को जानकारी दी गई कि इस आधुनिक प्रयोगशाला में मिट्टी के 12 प्रमुख मानकों का परीक्षण किया जाता है:
- मुख्य घटक: pH मान, विद्युत चालकता, नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश।
- सूक्ष्म एवं अन्य पोषक तत्व: सल्फर, जिंक, कॉपर, लोहा, मैंगनीज, मोलिब्डेनम और बोरॉन।
शिक्षार्थियों को समझाया गया कि इन मानकों की सटीक जाँच के बाद दी गई अनुशंसा के अनुसार ही रासायनिक और जैविक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करना चाहिए, जिससे मिट्टी की सेहत और उत्पादकता दोनों बनी रहे।
“किसानों के लिए पूर्णतः निःशुल्क है मृदा परीक्षण” — जिला कृषि पदाधिकारी
जिला कृषि पदाधिकारी ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने-अपने खेतों की मिट्टी परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजें। साथ ही अपने अभिभावकों और आसपास के किसानों को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला मिट्टी जाँच प्रयोगशाला में किसानों के लिए यह सुविधा पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
‘खेत बचाओ अभियान’ और 3 वर्ष का नियम
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे “खेत बचाओ अभियान” का मुख्य उद्देश्य किसानों को मृदा संरक्षण और भूमि की उर्वरता बनाए रखने के प्रति जागरूक करना है।
छात्राओं को बताया गया कि हर किसान को प्रत्येक तीन वर्ष में कम से कम एक बार अपने खेत की मिट्टी की जाँच ज़रूर करानी चाहिए। संतुलित उर्वरक उपयोग से न केवल फसल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी दीर्घकाल तक सुरक्षित रहती है।
वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षक रहे उपस्थित
इस शैक्षणिक भ्रमण के अवसर पर जिला योजना एवं मूल्यांकन पदाधिकारी (साहेबगंज), मिट्टी जाँच प्रयोगशाला के समस्त तकनीकी कर्मी तथा विद्यालय के शिक्षकगण विशेष रूप से मौजूद रहे। छात्राओं ने इस भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक और व्यावहारिक शिक्षा के दृष्टिकोण से बेहद उपयोगी बताया।