राजमहल (साहिबगंज): मॉडल कॉलेज राजमहल की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई-1 एवं इकाई-2 के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और जल संरक्षण पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। यह अभियान महाविद्यालय द्वारा गोद लिए गए ग्राम सालबनी और भोटोटोला में आयोजित किया गया।
शिविर के चौथे दिन एनएसएस स्वयंसेवकों ने दोनों गांवों में सघन वृक्षारोपण किया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को पर्यावरण प्रदूषण के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए इसके संरक्षण के विभिन्न व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं हरित बनाए रखने की अपील की।
‘कैच द रेन’ अभियान के तहत जल संरक्षण का संदेश
इस अवसर पर भारत सरकार के “कैच द रेन (Catch the Rain)” अभियान के अंतर्गत वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण, भू-जल स्तर को सुधारने और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि भविष्य की आवश्यकताओं और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए वर्षा जल का संचयन बेहद अनिवार्य है।
प्राचार्य ने की सराहना
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा:
“पेड़ और जल ही हमारे जीवन का वास्तविक आधार हैं। इनके बिना एक स्वस्थ भविष्य की कल्पना असंभव है। यदि हम आज सजग होकर पर्यावरण और जल स्रोतों का संरक्षण करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और समृद्ध परिवेश दे पाएंगे।”
उन्होंने स्वयंसेवकों से इस कल्याणकारी संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का आह्वान किया।
सफलतापूर्वक संपन्न हुआ कार्यक्रम
यह पूरा अभियान एनएसएस इकाई-1 के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रमजान अली एवं इकाई-2 के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में दोनों इकाइयों के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पूरी ऊर्जा के साथ भाग लिया और स्वच्छ, हरित व जल-सुरक्षित भारत के निर्माण में निरंतर योगदान देने का संकल्प लिया।