मालदा/भागलपुर: भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन को “अमृत स्टेशन” के रूप में राष्ट्र को समर्पित किया। पीएम मोदी ने यह सौगात पंजाब के जालंधर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी।
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग ₹1,570 करोड़ की लागत से तैयार 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया, जो ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प को दर्शाते हैं।
उद्घाटन समारोह में जुटे दिग्गज, दिखा सांस्कृतिक रंग
पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के अंतर्गत आने वाले शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन पर एक भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल और कहलगांव के विधायक शभानंद मुकेश सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
समारोह में मालदा मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) अमरेंद्र कुमार मौर्य, जिला व नागरिक प्रशासन के अधिकारी, शिक्षक, स्कूली छात्र और भारी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इसके अलावा, मालदा मंडल द्वारा आयोजित निबंध, पेंटिंग और वक्तृत्व प्रतियोगिताओं के विजेता छात्रों को सम्मानित भी किया गया।
आधुनिक सुविधाओं के साथ दिखेगी ‘मधुबनी कला’ और ‘विक्रमशिला’ की झलक
अमृत भारत स्टेशन योजना के चरण-I के तहत शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन को ₹17.94 करोड़ की लागत से पूरी तरह बदल दिया गया है। यह स्टेशन अब आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ-साथ बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अनूठा संगम बन चुका है।
स्टेशन की प्रमुख विशेषताएं और सुविधाएं:
- आधुनिक भवन और कॉनकोर्स: स्टेशन के अग्रभाग (फ़ासाद) को बेहद आकर्षक रूप दिया गया है। साथ ही एक विशाल कॉनकोर्स और एडवांस्ड बुकिंग काउंटर बनाए गए हैं।
- बेहतर यात्री सुविधाएं: वेटिंग हॉल, रिजर्व्ड लाउंज और आधुनिक शौचालय सुविधाओं को अपग्रेड किया गया है।
- कनेक्टिविटी और पार्किंग: बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, दिशा-सूचक साइनेज और समर्पित पार्किंग के साथ नए सर्कुलेटिंग एरिया का विकास किया गया है।
- हाई-टेक लाइटिंग और लिफ्ट: स्टेशन परिसर और सर्कुलेटिंग एरिया में बेहतरीन रोशनी (इल्यूमिनेशन) की व्यवस्था की गई है और यात्रियों की सुविधा के लिए दो नई लिफ्ट लगाई गई हैं।
- दिव्यांगजनों के लिए सुगम: पूरे स्टेशन को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि दिव्यांगजन बिना किसी बाधा के आवाजाही कर सकें।
- विरासत और कला का सम्मान: स्टेशन की आंतरिक सज्जा (इंटीरियर्स) में बिहार की प्रसिद्ध मधुबनी कला के साथ-साथ भागलपुर क्षेत्र और ऐतिहासिक विक्रमशिला की अनूठी विरासत को आर्किटेक्चर के जरिए उकेरा गया है।
क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
राष्ट्रीय राजमार्ग-80 (NH-80) और ऐतिहासिक विक्रमशिला महाविहार के पास रणनीतिक रूप से स्थित यह स्टेशन अब एक समकालीन परिवहन केंद्र (Transport Hub) बन चुका है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, शिवनारायणपुर स्टेशन के इस नए रूप से न सिर्फ यात्रियों के सफर में आराम, सुगमता और सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि यह क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, पर्यटन, स्थानीय व्यापार और कृषि को बढ़ावा देने में भी मील का पत्थर साबित होगा। यह कदम केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के तहत भविष्य के लिए तैयार टिकाऊ रेलवे बुनियादी ढांचा तैयार करने की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
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