राजमहल: ऐतिहासिक नगरी राजमहल को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर उभारने और स्थानीय विकास को गति देने के उद्देश्य से राजमहल विधायक मो. ताजउद्दीन उर्फ एमटी राजा ने राज्य विधानसभा के सत्र में एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने शून्यकाल के दौरान जर्जर हो चुके ‘गंगा भवन’ को हेरिटेज स्थल घोषित करने और वहां ‘राजमहल म्यूजियम’ स्थापित करने की पुरजोर मांग की।
विधानसभा में अपनी बात रखते हुए विधायक एमटी राजा ने कहा कि गंगा भवन वर्तमान में अत्यंत जर्जर स्थिति में है, जिससे वहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस भवन का सौंदर्यीकरण कर इसे ‘गंगा हेरिटेज स्थल’ के रूप में विकसित किया जाए और यहां एक भव्य म्यूजियम की स्थापना की जाए।
विधायक ने राजमहल के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “राजमहल में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। गंगा नदी के जलमार्ग से भी बड़ी संख्या में पर्यटकों का आवागमन होता है। इस ऐतिहासिक धरती को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना समय की मांग है।”
विधायक की इस पहल पर सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिला है, जिससे क्षेत्र के विकास की उम्मीदें जगी हैं।
स्थानीय लोगों में खुशी की लहर, रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद
सरकार के सकारात्मक रुख और विधायक की इस पहल का राजमहल शहर और ग्रामीण क्षेत्र की जनता ने सहर्ष स्वागत किया है। आम नागरिकों ने विधायक एमटी राजा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्रहित में एक दूरदर्शी कदम बताया है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि गंगा भवन के सौंदर्यीकरण और म्यूजियम के निर्माण से:
- पर्यटन को बढ़ावा: देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए ठहरने और भ्रमण की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- रोजगार के अवसर: पर्यटन गतिविधियों में तेजी आने से स्थानीय युवाओं और व्यापारियों के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए मार्ग खुलेंगे।
- ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण: जर्जर पड़े ऐतिहासिक ढांचे का संरक्षण होगा और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगेगी।
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