कार्यक्रम का शुभारंभ करते अतिथि
कार्यक्रम का शुभारंभ करते अतिथि
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साहिबगंज न्यूज़ / कॉलेज अपडेट्स:

साहिबगंज : साहिबगंज कॉलेज में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं विचारोत्तेजक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष के कार्यक्रम का मुख्य विषय “आदिवासी दाइयों का सम्मान – जीवन और कल्याण की रक्षा” रखा गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने की, जबकि अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन ऐंद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपरागत ज्ञान, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक विकास में समुदाय के अमूल्य योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई।


मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में दाइयों का योगदान अविस्मरणीय

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से सेवाएं देने वाली आदिवासी दाइयों के योगदान को विशेष रूप से याद किया गया।

प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा:

“सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं वाले दौर में इन महिलाओं ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी मिले पारंपरिक ज्ञान से माताओं और नवजात शिशुओं की रक्षा की है। उनके इस अनुभव और ज्ञान को सम्मान मिलना चाहिए तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ उनका बेहतर समन्वय स्थापित किया जाना आवश्यक है।”


जल, जंगल और जमीन का संरक्षण पूरे विश्व के लिए प्रेरणा

डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

  • प्रकृति से संतुलन: आदिवासी समुदाय सदियों से ‘जल, जंगल और जमीन’ के साथ संतुलित जीवन जीता आ रहा है, जो आज के वैश्विक पर्यावरण संकट के दौर में पूरी दुनिया के लिए एक सीख है।
  • संस्कृति का व्यापक दायरा: आदिवासी संस्कृति सिर्फ लोकगीत और नृत्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सह-अस्तित्व, सामुदायिक सहयोग और सामाजिक समानता निहित है।
  • सशक्तीकरण के आधार: शिक्षा और स्वास्थ्य को समाज के विकास के दो मुख्य स्तंभ बताते हुए प्राचार्य ने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता: SDM

मुख्य अतिथि एसडीएम अमर जॉन ऐंद ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समुदाय की विशिष्ट पहचान और समृद्ध परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।


aadiwasi diwas

कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की उपस्थिति

इस अवसर पर कॉलेज परिवार और स्थानीय समुदाय के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:

  • शिक्षक व अधिकारी: डॉ. धुर्व ज्योति सिंह, प्रो. प्रिया सिंह, प्रो. अनु सुमन बड़ा
  • छात्र व प्रतिनिधि: सोनू फ्रांसिस मुर्मू, अक्षय कुमार, सुभाष हांसदा, प्रीफेक्ट अमित हांसदा, नायक बाबू धन सोरेन सीनियर, मनोहर टुडू, विनोद टुडू, मोहन हेम्ब्रम, प्रेम चंद्र मोहाली, अनूप टुडू, प्रीफेक्ट सोनी मुर्मू, सचिव बाली बेटी सोरेन, सोना बेसरा और दीपिका हांसदा।

संस्कृति और पर्यावरण रक्षा का संकल्प

कार्यक्रम का समापन आदिवासी संस्कृति के संरक्षण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं में निरंतर सुधार तथा ‘जल, जंगल, जमीन’ की रक्षा के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने नई पीढ़ी तक इन मूल्यों को पहुंचाने की प्रतिज्ञा ली।

यह भी पढ़ें : प्रकृति व वनस्पतियों का उपयोग सही जानकारी होने पर ही करें: डॉ. रणजीत कुमार सिंह

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