विशेष संवाददाता, साहिबगंज: साहिबगंज जिले को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे की काली छाया से सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने अब पूरी तरह कमर कस ली है। जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार, भंडारण, परिवहन और तस्करी के खिलाफ प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे ने अधिकारियों को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में चल रहे मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों के साथ किसी भी सूरत में नरमी नहीं बरती जाएगी।
नशा तस्करों के खिलाफ चलेगा औचक छापेमारी अभियान
उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गांजा, अवैध कफ सिरप, और अन्य प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाएं। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संवेदनशील इलाकों में सघन और औचक छापेमारी अभियान चलाएं।
प्रशासन का मुख्य ध्यान अवैध कारोबार से जुड़े मुख्य नेटवर्क की पहचान करने और उसके सरगनाओं के खिलाफ सख्त विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करने पर है। इसके साथ ही, मादक पदार्थों की तस्करी में बार-बार संलिप्त पाए जाने वाले आदतन अपराधियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी, दुकानदारों से लिया जाएगा स्व-घोषणा पत्र
युवाओं और स्कूली बच्चों को नशे के गर्त में ढकेलने वाले तत्वों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने एक विशेष रणनीति तैयार की है। विद्यालयों, +2 उच्च विद्यालयों और महाविद्यालयों के आसपास के इलाकों को ‘सुरक्षित क्षेत्र’ घोषित करते हुए वहां विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं।
इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों के निर्धारित दायरे में आने वाले सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानदारों से निर्धारित प्रपत्र में ‘स्व-घोषणा पत्र’ भरवाया जाएगा। दुकानदारों को यह लिखित आश्वासन देना होगा कि उनके प्रतिष्ठान से किसी भी प्रकार के नशीले या प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री नहीं की जा रही है। अगर किसी दुकान पर नशीली वस्तुएं पाई जाती हैं, तो उसके खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीमावर्ती और दियारा इलाकों पर पैनी नजर
साहिबगंज की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, विशेषकर दियारा और जिला सीमावर्ती क्षेत्रों के माध्यम से होने वाली मादक पदार्थों की संभावित तस्करी को रोकने के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय और मजबूत करने का निर्देश दिया गया है। अनुमंडल प्रशासन और पुलिस को इन क्षेत्रों में निरंतर गश्त और औचक निरीक्षण करने के आदेश दिए गए हैं।
जागरूकता अभियानों से बनेगा नशामुक्त साहिबगंज
कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता पर बल देते हुए शिक्षा विभाग को जिले के सभी +2 उच्च विद्यालयों और कॉलेजों में व्यापक नशामुक्ति जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि नशा केवल एक कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि एक सामाजिक बुराई है। strict कार्रवाई, सतत निगरानी और व्यापक जन-जागरूकता के समन्वित प्रयास से ही साहिबगंज को नशामुक्त और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारी
बैठक में अपर समाहर्ता विजय कुमार, प्रभारी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार दास, जिला शिक्षा पदाधिकारी नयन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी राजमहल सदानंद महतो, मुख्यालय डीएसपी रविकांत साह, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी साहिबगंज सुशील कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजमहल विमलेश त्रिपाठी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बरहरवा सहित अन्य मौजूद थे।
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