इंटरनेट : वरदान या अभिशाप विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित

साहिबगंज : शिक्षा केंद्र, साहिबगंज में विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं तार्किक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “छात्रों/बच्चों के लिए इंटरनेट : वरदान या अभिशाप” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के निदेशक अनिकेत कुमार थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मॉडल कॉलेज राजमहल, साहिबगंज के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षा परियोजना के सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी संजय कुमार तिवारी एवं शिक्षक मनोहर कुमार शर्मा मौजूद थे।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने इंटरनेट के सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों पक्षों पर प्रभावशाली ढंग से अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने इंटरनेट को ज्ञान, शिक्षा, शोध एवं वैश्विक जानकारी का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए इसके लाभों पर प्रकाश डाला। वहीं दूसरी ओर इंटरनेट के अत्यधिक उपयोग से होने वाली समस्याओं जैसे सोशल मीडिया की लत, ऑनलाइन गेमिंग, साइबर अपराध, भ्रामक सूचनाओं के प्रसार तथा स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर भी अपने तर्क रखे।

निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों के प्रस्तुतीकरण, तर्कशक्ति एवं अभिव्यक्ति कौशल के आधार पर परिणाम घोषित किए गए। कक्षा 9वीं के परिणाम में प्रथम – अंकित मंगल द्वितीय – सानिया खातून तृतीय – मनीषा कुमारी कक्षा 10वीं के परिणाम प्रथम – जिया कुमारी द्वितीय – नीति कुमारी तृतीय – सुरुचि कुमारी इंटर विज्ञान वर्ग के परिणाम प्रथम – छोटी कुमारी द्वितीय – मोनिका कुमारी तृतीय स्थान अनुराग कुमार को मिला।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट शिक्षा, अनुसंधान और ज्ञानार्जन का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। इसके माध्यम से छात्र विश्वस्तरीय शैक्षणिक संसाधनों तक आसानी से पहुँच सकते हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट स्वयं में न तो वरदान है और न ही अभिशाप, बल्कि इसका प्रभाव उसके उपयोग की प्रकृति पर निर्भर करता है।

यदि विद्यार्थी इसका उपयोग शिक्षा, नवाचार और व्यक्तित्व विकास के लिए करें तो यह उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर सकता है, लेकिन अनियंत्रित एवं अनुचित उपयोग उन्हें अपने लक्ष्य से भटका भी सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को इंटरनेट का उपयोग विवेकपूर्ण, सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक करना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि संजय कुमार तिवारी ने विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक का सदुपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि इंटरनेट का सही उपयोग शिक्षा और करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। शिक्षक मनोहर कुमार शर्मा ने भी विद्यार्थियों को इंटरनेट के सकारात्मक उपयोग के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, आलोचनात्मक दृष्टिकोण, अभिव्यक्ति क्षमता तथा डिजिटल जागरूकता का विकास करना था। अंत में सभी विजेता प्रतिभागियों को बधाई दी गई तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

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