साहेबगंज: अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर साहेबगंज स्थित स्नेह स्पर्श वृद्धा आश्रम में विधिक जागरूकता एवं मुफ्त स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देश पर तथा प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), साहेबगंज गुलाम हैदर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
वरिष्ठ नागरिक समाज की अनमोल धरोहर: सचिव
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहेबगंज के सचिव विश्वनाथ भगत ने आश्रम में रह रहे बुजुर्गों से सीधे मुलाकात की। उन्होंने वृद्धजनों के कानूनी अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए बने विभिन्न विधिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
इस दौरान उन्होंने कहा, “वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उनके अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन व सुरक्षा प्रदान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
कानूनी अधिकारों और हेल्पलाइन 15100 की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में उपस्थित बुजुर्गों को ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007’ के तहत मिलने वाले अधिकारों और कानूनी उपचारों से अवगत कराया गया। इसके अलावा:
- निःशुल्क विधिक सहायता: आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त कानूनी मदद प्राप्त करने के तरीके बताए गए।
- नालसा हेल्पलाइन (15100): राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में जानकारी दी गई, जिसके जरिए बुजुर्ग किसी भी समय कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
डॉक्टरों की टीम ने की जांच, बांटी गईं दवाइयां
विधिक जागरूकता के साथ-साथ आश्रम में एक चिकित्सा शिविर भी लगाया गया। अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने आश्रम में रह रहे सभी वृद्धजनों के स्वास्थ्य की गहन जांच की और उनकी जरूरत के अनुसार आवश्यक दवाइयां मुफ्त में उपलब्ध कराईं।
पंचायतों और गांवों में भी चलाया गया जागरूकता अभियान
आश्रम के अलावा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैरा-लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) द्वारा साहेबगंज जिले के विभिन्न गांवों और पंचायतों में विशेष अभियान चलाया गया। पीएलवी सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों को भरण-पोषण अधिनियम 2007, नालसा हेल्पलाइन 15100 और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया।
इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों में उनके अधिकारों, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें त्वरित विधिक व चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराना रहा।


