साहिबगंज: दीपावली और छठ महापर्व के उपलक्ष्य में साहिबगंज महाविद्यालय के नंदन भवन में छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय पर्व-त्योहारों की महत्ता से परिचित कराना और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना था। कार्यक्रम के दौरान पोस्टर मेकिंग, रंगोली, दीया सजावट, नृत्य और गायन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
” स्वदेशी अपना-लो और स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा दो ” का संदेश
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य रणजीत कुमार सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत एक उत्सवधर्मी देश है और हमारे पर्व-त्योहार सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।
प्राचार्य ने दीपावली के अवसर पर विशेष अपील करते हुए लोगों से चीनी सामान की खरीदारी से परहेज करने और केवल मिट्टी के दीये जलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय कुम्हारों, कारीगरों और व्यापारियों को रोजगार व प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यक्रम में मैथिली विभागाध्यक्ष ध्रुव ज्योति कुमार सिंह ने भी दीपावली और छठ पर्व की पौराणिक महत्ता पर प्रकाश डाला।
छठ पर्व पर आधारित नाट्य मंचन रहा मुख्य आकर्षण

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण बीएड के छात्र रोहित कुमार शाह और उनकी टीम (स्नेहा, प्रीति, प्रिया तथा नंदिनी) द्वारा प्रस्तुत छठ महापर्व के रीति-रिवाजों पर आधारित नाट्य मंचन रहा। कलाकारों ने छठ की लोक आस्था को जीवंत रूप में पेश किया, जिसे देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे। इसके अलावा इतिहास विभाग के राहुल कुमार दुबे, हिंदी विभाग की चांद मुनि, वाणिज्य विभाग की संस्कृति कुमारी, अंग्रेजी विभाग की वंदना कुमारी और बीएड की अंकिता शर्मा ने छठ गीत व एकल गायन प्रस्तुत किए।
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता
कार्यक्रम के अंत में विजेताओं के नामों की घोषणा की गई:
- पोस्टर मेकिंग: मनीष कुमार (प्रथम), देवराज गौंड (द्वितीय), अंकिता भारती (तृतीय)।
- दीया सजावट: संजना कुमारी (प्रथम), न्यासा भारती (द्वितीय), राम हंसदा (तृतीय)।
- रंगोली प्रतियोगिता: नंदिनी (प्रथम), काजल एवं कंचन की जोड़ी (द्वितीय), शिवानी एवं टीम (तृतीय)।
- गायन प्रतियोगिता: चांद मुनि (प्रथम), संस्कृति कुमारी (द्वितीय), राहुल कुमार दुबे (तृतीय)।
आयोजन में राजीव कुमार सिंह, प्रिया सिंह, अनु सुमन बाड़ा, कोमल कुमारी, कुमार प्रशांत भारती एवं रूपा चंदन कुमार सहित अन्य प्राध्यापकों और छात्र रितेश कुमार रंजन, सोनू कुमार साहू, मनीष कुमार व राजीव सिंह का अहम सहयोग रहा।
यह भी पढ़ें : उधवा में जाति प्रमाण-पत्र के लिए लगा विशेष शिविर: दूसरे दिन 40 आवेदनों की हुई जांच, ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू


