Malda Railway News: मालदा मंडल में 130 की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें, सुरक्षा के लिए बिछाया गया ‘W-बीम’ फेंसिंग का जाल

​मालदा : भारतीय रेलवे अब रफ्तार और सुरक्षा के मेल पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल (Malda Division) ने ट्रेनों की गति को 130 किमी/घंटा तक ले जाने के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच तैयार किया है। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) मनीष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में ट्रैक के दोनों ओर आधुनिक W-बीम मेटल सेफ्टी फेंसिंग लगाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।


​क्यों खास है W-बीम फेंसिंग


​यह फेंसिंग ‘क्रैश बैरियर’ तकनीक पर आधारित है, जो अक्सर हाईवे पर देखी जाती है। इसके लगने से रेलवे ट्रैक पर मवेशियों के आने या लोगों द्वारा अवैध रूप से ट्रैक पार करने की घटनाओं में भारी कमी आएगी। इससे न केवल दुर्घटनाएं रुकेंगी, बल्कि हाई-स्पीड ट्रेनों का परिचालन भी बिना किसी बाधा के हो सकेगा।


​अब तक कहां-कहां पूरा हुआ काम


​मालदा मंडल ने अब तक कुल 316.8 किलोमीटर लंबे रेलखंड के दोनों ओर फेंसिंग का काम पूरा कर लिया है। मुख्य खंडों का विवरण नीचे दिया गया है:

रेलखंड (Section) फेंसिंग की लंबाई
मालदा टाउन – न्यू फरक्का 62.4 किमी
महाराजपुर – विक्रमशिला 72.4 किमी
विक्रमशिला – भागलपुर 58 किमी
भागलपुर – जमालपुर 52 किमी
जमालपुर – किउल 50 किमी
मालदा – न्यू फरक्का – तीनपहाड़ 22 किमी

यात्रियों को क्या होगा फायदा :


​समय की बचत: ट्रैक सुरक्षित होने से ट्रेनें 130 किमी/घंटा की टॉप स्पीड से चल पाएंगी, जिससे यात्रा समय घटेगा।
​बेहतर समयपालन (Punctuality): मवेशियों के टकराने या अन्य बाहरी हस्तक्षेप के कारण होने वाली देरी अब नहीं होगी।
​मजबूत सुरक्षा तंत्र: RPF और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से यह फेंसिंग एक ‘मल्टी-लेयर’ सुरक्षा चक्र प्रदान करती है।


​तकनीक और मजबूती का संगम


​यह फेंसिंग हर मौसम में टिकी रहने वाली और कम रखरखाव (Low Maintenance) वाली है। इसके साथ ही रेलवे फुट ओवर ब्रिज (FOB) और सबवे (Subways) के निर्माण पर भी जोर दे रही है ताकि आम जनता को ट्रैक पार करने की जरूरत ही न पड़े।


​DRM मालदा का संदेश: मालदा मंडल यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आधुनिक रेल सेवा देने के लिए नई तकनीकों को अपनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Leave a Comment