साहिबगंज: झारखंड आंदोलन के प्रणेता, पद्म भूषण से सम्मानित एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन जी की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को साहिबगंज में ऐतिहासिक और भावुक क्षण देखने को मिला। झामुमो के केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा और प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
17 फीट ऊंची प्रतिमा का विधिवत अनावरण कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ, राजमहल विधायक एमटी राजा, झामुमो केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा एवं पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने संयुक्त रूप से साक्षरता चौक एवं समाहरणालय परिसर के समीप चिल्ड्रेन्स पार्क में दिशोम गुरु की 17 फीट ऊंची आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। सुप्रसिद्ध मूर्तिकार अमृत प्रकाश द्वारा निर्मित इस प्रतिमा के अनावरण के साथ ही पूरा क्षेत्र “दिशोम गुरु अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। इस अवसर पर उपायुक्त दीपक कुमार दुबे एवं एसपी अमित कुमार सिंह सहित जिले के कई वरीय प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
सिदो-कान्हू स्टेडियम में जुटीं सर्वदलीय हस्तियां प्रतिमा अनावरण के पश्चात सिदो-कान्हू स्टेडियम में झामुमो जिलाध्यक्ष अरुण सिंह की अध्यक्षता में भव्य सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। अतिथियों ने अमर शहीद सिदो-कान्हू और दिशोम गुरु की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर दिशोम गुरु के संघर्ष और योगदान को याद किया:
- दीपक बिरुआ (परिवहन मंत्री): “दिशोम गुरु झारखंड की आत्मा थे। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की लड़ाई को जनांदोलन बनाकर लाखों वंचितों को पहचान दिलाई।”
- पंकज मिश्रा (केंद्रीय सचिव, झामुमो): “वीर शिबू सोरेन केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता और स्वाभिमान की जीवंत पहचान थे। उनके नेतृत्व का ही परिणाम है कि वर्ष 2000 में अलग राज्य का गठन हुआ।”
- आलमगीर आलम (पूर्व मंत्री): “उनका जीवन संघर्ष, त्याग और जनसेवा की मिसाल रहा। उन्होंने हमेशा सत्ता से परे हटकर शोषितों के हक की लड़ाई लड़ी।”
- एमटी राजा (विधायक, राजमहल): “वे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज को सत्ता के गलियारों तक ले जाने वाले महानायक थे।”
- ध्रुव भगत व अमित सिंह (भाजपा नेता): “विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन अलग राज्य निर्माण और आदिवासी समाज के उत्थान में दिशोम गुरु के ऐतिहासिक योगदान को कोई नकार नहीं सकता।”
विकास और सामाजिक न्याय का लिया संकल्प संबोधन के दौरान सभी नेताओं और उपस्थित जनसमूह ने दिशोम गुरु के बताए मार्ग पर चलने, समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने और झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के अंत में झामुमो जिलाध्यक्ष अरुण सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके उपरांत सर्किट हाउस में झामुमो केंद्रीय प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में ये भी थे उपस्थित :
ज़िला परिषद अध्यक्ष मोनिका किस्कू, नगर परिषद अध्यक्ष रामनाथ पासवान, चंदेश्वर प्रसाद सिन्हा, चतुरानंद पांडेय, प्रो नजरुल इस्लाम, केताबुद्दीन शेख, मो कलीमुद्दीन, बास्की यादव, संजीव सामु हेंब्रम, मो सरफराज, नगर परिषद उपाध्यक्ष विनीता देवी, जिप सदस्य रणधीर सिंह सहित झामुमो, कांग्रेस, भाजपा, आजसू, जदयू सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता व कार्यकर्ता व हजारों की संख्या में आम नागरिक मौजूद थे।

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