साहिबगंज: गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और जिले में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए साहिबगंज जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और अलर्ट मोड पर है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दूबे ने रविवार को Google Meet के माध्यम से जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय संबंधित पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियों का जायजा लिया और पदाधिकारियों को जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई आवश्यक एवं दिशा-निर्देश दिए ।
समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि ओझाटोली घाट पर गंगा नदी का जलस्तर लगभग 27.25 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान के बिल्कुल समतुल्य है। मौसम और जल स्तर के रुझानों के अनुसार, आगामी 1 से 2 दिनों में नदी के जलस्तर में और अधिक बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने तत्काल प्रभाव से जिले में फ्लड रिस्पांस मेजर्स (बाढ़ प्रतिक्रिया उपाय) लागू करने का स्पष्ट निर्देश दिया।
राहत शिविरों और बुनियादी सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश
उपायुक्त ने साहिबगंज, राजमहल एवं उधवा के तटीय एवं संवेदनशील इलाकों में तुरंत राहत शिविर (Relief Camps) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल, गुणवत्तापूर्ण भोजन, सूखा राशन, रहने के लिए दरी-गद्दा, प्रकाश व्यवस्था तथा अस्थायी शौचालयों का प्रबंध समय रहते पूरा कर लिया जाए। इसके अलावा, विस्थापित परिवारों के छोटे बच्चों के लिए बेबी मिल्क पाउडर और मवेशियों के लिए बिचाली एवं कुट्टी (चारे) की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
तटवर्ती एवं दियारा क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए प्रशासन द्वारा माइकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे दियारा क्षेत्र के लोगों को जागरूक कर उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं। साथ ही, प्रभावित इलाकों में तुरंत रसद और पीने के पानी का वितरण शुरू करने का आदेश दिया गया है। उपायुक्त ने स्थानीय मुखिया, जनप्रतिनिधियों और थाना प्रभारियों के साथ समन्वय बनाकर आम जनता से ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करने को कहा है।
बचाव कार्य, स्वास्थ्य सेवाएं और बोट एम्बुलेंस मुस्तैद
बाढ़ की आपात स्थिति में त्वरित बचाव कार्य के लिए पर्याप्त संख्या में नावों (Boats) की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। दुर्घटना से बचाव के लिए नावों में पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग को विशेष हिदायत देते हुए उपायुक्त ने प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने और सर्पदंश के इलाज के लिए एंटी-वेनम दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रखने को कहा है। किसी भी चिकित्सीय आपात स्थिति से निपटने के लिए बोट एम्बुलेंस और जिला प्रशासन के मोटर बोट को चौबीसों घंटे तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल एवं सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है। जैसे ही किसी स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति की सूचना मिले, मेडिकल टीम को बिना किसी देरी के तुरंत प्रभावित स्थल पर पहुंचकर इलाज उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है।
पशुधन सुरक्षा और गुमानी नदी के जल की नियंत्रित निकासी
मानव जीवन के साथ-साथ पशुधन की सुरक्षा के लिए भी विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। जिला पशुपालन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे मवेशियों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए पर्याप्त संख्या में पशु चिकित्सा टीमों को तैनात रखें और स्थिति की नियमित निगरानी करें। विस्थापित मवेशियों के लिए अलग से राहत केंद्र, शेड और चारे का प्रबंध किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जलजमाव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गुमानी नदी के फाटकों से नियंत्रित तरीके से पानी की निकासी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का असर कम से कम हो सके।
“जनजीवन की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”
बैठक के अंत में उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने कड़े शब्दों में कहा कि आपदा की इस घड़ी में जिला प्रशासन की सबसे पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता जनजीवन की सुरक्षा है। इसमें किसी भी स्तर पर थोड़ी सी भी लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी सामंजस्य, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और बेहतर समन्वय के साथ काम करने की हिदायत दी, ताकि राहत और बचाव कार्य बिना किसी रुकावट के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
बैठक में शामिल थे पदाधिकारी
इस वर्चुअल बैठक में विजय कुमार (अपर समाहर्ता, साहिबगंज), डॉ. रामदेव पासवान (सिविल सर्जन, साहिबगंज), अमर जॉन आईन्द (अनुमंडल अधिकारी, साहिबगंज), सदानन्द महतो (अनुमंडल अधिकारी, राजमहल), नगर परिषद साहिबगंज एवं नगर पंचायत राजमहल के कार्यपालक अधिकारी, संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास अधिकारी (BDO), अंचल अधिकारी (CO), जिला पशुपालन पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) सहित जिला प्रशासन के कई अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारी शामिल हुए।