2026 03 14 3

कुल 9411 मामलों का निपटारा, 5 करोड़ से अधिक की समझौता राशि प्राप्त

साहिबगंज : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहेबगंज तथा अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति, राजमहल द्वारा शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में इस वर्ष की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची द्वारा राज्य के सभी जिलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया। उद्घाटन न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय-सह-कार्यकारी अध्यक्ष, झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची, न्यायमूर्ति प्रदीप श्रीवास्तव, न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय,रांची ने संयुक्त रूप से किया गया। उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण साहेबगंज एवं राजमहल के व्यवहार न्यायालय स्थित लोक अदालत कक्ष में स्क्रीन के माध्यम से उपस्थित लोगों ने देखा |

उद्घाटन के उपरांत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहेबगंज अखिल कुमार ने गठित बेंचों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय को आमजन तक सुलभ, सरल और त्वरित रूप से पहुँचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। लोक अदालत हमारे न्याय तंत्र की वह व्यवस्था है जहाँ वर्षों से लंबित मामलों का निपटारा आपसी सहमति, समझौते और सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया जाता है, जिससे आमजनों को शीघ्र न्याय प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि न्याय तभी सार्थक होता है जब वह समय पर मिले। लोक अदालत के माध्यम से मामलों का त्वरित निष्पादन संभव हो पाता है, जिससे लोगों का समय, धन और ऊर्जा की बचत होती है।

लोक अदालत में होने वाला समझौता दोनों पक्षों की आपसी सहमति से होता है, इसलिए इसका निर्णय दोनों पक्षों के लिए लाभकारी होता है तथा आपसी संबंधों में भी मधुरता बनी रहती है। उन्होंने आगे कहा कि लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम होता है तथा इसके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता। उन्होंने आमजन एवं पक्षकारों से अपील की कि वे इस प्रकार के आयोजनों का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ तथा आपसी समझौते के माध्यम से अपने मामलों का निष्पादन कराएँ। उन्होंने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों से भी अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन में सहयोग करने का आग्रह किया।

इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय संजय कुमार उपाध्याय, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रथम शेखर कुमार, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिंधु नाथ लामाये, अतरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अभिषेक प्रसाद, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार विश्वनाथ भगत, सिविल जज-सह-न्यायिक दंडाधिकारी आलोक मरांडी, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुमित कुमार वर्मा, रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी राहुल कुमार

साथ ही स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्रा, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रेम नाथ तिवारी, लोक अभियोजक एवं उनके अधीनस्थ, चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल अरविन्द गोयल एवं उनकी टीम, अधिवक्तागण, विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, बैंक कर्मी, पारा विधिक स्वयंसेवक तथा अन्य विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी सहित वादकारीगण उपस्थित थे।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *