राजमहल: सावन के पवित्र महीने और रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में राजमहल स्थित ‘एकता कला केंद्र’ के तत्वावधान में दो दिवसीय राखी मेकिंग (रेशमी धागों एवं सजावटी हस्तशिल्प) कार्यशाला का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। 19 और 20 अगस्त 2026 को कन्या मध्य विद्यालय, नीलकोठी राजमहल के प्रांगण में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला में स्थानीय बच्चों एवं महिलाओं ने अपनी असीम रचनात्मकता और कलात्मक कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
हस्तशिल्प और कला के प्रति रुचि बढ़ाना मुख्य उद्देश्य
इस विशेष कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों, युवाओं और महिलाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना, उनके भीतर छिपी कलात्मक प्रतिभा को निखारना तथा पारंपरिक हस्तशिल्प के प्रति गहरा रुझान विकसित करना था। दो दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को राखी निर्माण की विभिन्न आधुनिक और पारंपरिक तकनीकों से अवगत कराया गया।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को:
- राखी के विभिन्न आकर्षक डिजाइनों एवं प्रकारों,
- सुंदर रंग संयोजन (Color Combination),
- मोतियों, गोटा-पट्टी, रेशमी धागों व सजावटी सामग्रियों के कुशल प्रयोग,
- कम लागत में मजबूत और मनमोहक राखियां तैयार करने की बारीकियों के बारे में विस्तार से सिखाया।
बच्चों के साथ-साथ गृहणियों एवं स्थानीय महिलाओं ने भी इस कार्यशाला में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने हाथों से एक से बढ़कर एक सुंदर व आकर्षक राखियां बनाईं।
महिला थाना प्रभारी करुणा कुमारी ने बढ़ाया प्रतिभागियों का उत्साह
कार्यक्रम के समापन सत्र में राजमहल महिला थाना की प्रभारी करुणा कुमारी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा बनाई गई राखियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, “ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखते हैं, बल्कि महिलाओं और बच्चों में स्वावलंबन तथा रचनात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं।”
सफलतापूर्वक कार्यशाला पूरी करने वाले सभी प्रतिभागियों को महिला थाना प्रभारी द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर बच्चों और महिलाओं के चेहरे खिल उठे।
आत्मनिर्भरता और हुनर विकास पर जोर
इस अवसर पर एकता कला केंद्र के प्रतिनिधियों ने संस्था के ध्येय को रेखांकित करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य महज एक कला सिखाना नहीं है, बल्कि बच्चों और महिलाओं में आत्मविश्वास जगाना, उन्हें हुनरमंद बनाना और कला के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करना है। केंद्र ने प्रतिबद्धता जताई कि भविष्य में भी राजमहल क्षेत्र में कला, पेंटिंग और हस्तशिल्प से जुड़ी ऐसी कई ज्ञानवर्धक एवं हुनर विकास कार्यशालाएं आयोजित की जाती रहेंगी।
विशेष भेंट और कुशल मंच संचालन
कार्यक्रम के दौरान एक भावुक और कलात्मक क्षण तब देखने को मिला जब एकता कला केंद्र के शिक्षक एकता राय ने मुख्य अतिथि करुणा कुमारी को स्वयं अपने हाथों से बनाई हुई एक सुंदर पेंटिंग स्मृति चिह्न के रूप में भेंट की।पूरे कार्यक्रम का गरिमामय एवं सुचारू मंच संचालन कन्या मध्य विद्यालय, नीलकोठी की प्राचार्या अमिता चक्रबर्ती द्वारा किया गया।
गरिमामयी उपस्थिति
इस दो दिवसीय सफल आयोजन को यादगार बनाने में निमाई चंद्र दास, मृत्युंजय राय, नमिता कुमारी, सुमन अग्रवाल, ज्योति कुमारी, जानवी, जीविका, सानवी, कामना, टीसा, प्रतीक, आर्यन सहित बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का सराहनीय योगदान रहा।
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