जानकारी देते रेल पुलिस की टीम -rpf barharwa
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बरहरवा (साहिबगंज): रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बरहरवा रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी और बाल श्रम की आशंका को नाकाम कर दिया है। आरपीएफ ने स्टेशन परिसर से संदिग्ध अवस्था में घूम रहे चार नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। ये सभी बच्चे अपने परिजनों को बिना बताए मजदूरी करने के लिए कोलकाता भागने की योजना बना रहे थे।

आधी रात को चलाया गया सघन चेकिंग अभियान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 04 जून 2026 की रात करीब 00:05 बजे मानव तस्करी, बाल श्रम और अन्य संबंधित रेल अपराधों की रोकथाम के लिए बरहरवा रेलवे स्टेशन पर एक संयुक्त छापामारी सह सघन जांच अभियान चलाया गया।
यह अभियान आरपीएफ इंस्पेक्टर (बरहरवा) संजीव कुमार के पर्यवेक्षण में चलाया गया। इसमें आरपीएफ पोस्ट बरहरवा के एएसआई अजय कुमार हांसदा, कांस्टेबल प्रवीण कुमार और सीपीडीएस टीम मालदा के कांस्टेबल राहुल कुमार, एस.के. सुमन एवं रितेश कुमार शामिल थे।

वेटिंग रूम के पास संदिग्ध हालत में मिले बच्चे

जांच के दौरान टीम को स्टेशन के वेटिंग रूम (प्रतीक्षालय) के पास चार नाबालिग लड़के संदिग्ध अवस्था में बिना किसी सामान के घूमते हुए मिले। संदेह होने पर जब आरपीएफ ने उनसे पूछताछ की, तो उन्होंने अपनी उम्र क्रमशः 16, 16, 15 और 16 वर्ष बताई। सभी बच्चे झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहेट थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।

घर पर बिना बताए कोलकाता जाने की थी योजना
गहन पूछताछ में बच्चों ने स्वीकार किया कि वे अपने माता-पिता या परिजनों को बिना कोई सूचना दिए घर से निकल गए थे। वे बरहरवा स्टेशन से ट्रेन पकड़कर मजदूरी करने के उद्देश्य से कोलकाता जाने की तैयारी में थे। बच्चों के नाबालिग होने और परिस्थितियों के संदिग्ध होने के कारण आरपीएफ टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए चारों को अपनी सुरक्षात्मक अभिरक्षा में ले लिया और आगे की कार्रवाई के लिए आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लेकर आई।

चाइल्ड हेल्पलाइन और ‘मंथन’ संस्था को सौंपे गए बच्चे

आरपीएफ ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बच्चों के परिजनों से मोबाइल के माध्यम से संपर्क किया और उन्हें घटना की पूरी जानकारी दी। इसके बाद सभी आवश्यक कानूनी और बाल संरक्षण संबंधी औपचारिकताओं को पूरा किया गया।
चारों नाबालिगों को उचित देखभाल, काउंसलिंग और आगे की सहायता के लिए ‘मंथन’ संस्था की प्रतिनिधि आराधना मंडल, अंसु मालाकार और चाइल्ड हेल्पलाइन (साहिबगंज) के प्रतिनिधि मोहम्मद इकबाल के सुपुर्द कर दिया गया है।

RPF की अभिभावकों से अपील

इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने आम जनता और विशेषकर अभिभावकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। आरपीएफ ने कहा है कि माता-पिता अपने बच्चों की गतिविधियों और संगति पर विशेष नजर रखें। अगर स्टेशन या ट्रेन में कोई भी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस बच्चा दिखे, तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या चाइल्ड हेल्पलाइन को दें ताकि समय रहते बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।

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