साहिबगंज: नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने, आपदा प्रबंधन क्षमताओं को परखने और जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से साहिबगंज जिला प्रशासन कल यानी 15 जुलाई (बुधवार) को जिले में एक व्यापक सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल एवं एयर रेड ब्लैकआउट अभ्यास आयोजित करने जा रहा है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के आलोक में होने वाले इस बड़े अभ्यास को लेकर विकास भवन सभागार में अपर समाहर्ता विजय कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई, जिसमें तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता विजय कुमार ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित हवाई हमले, सुरक्षा खतरे अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, संकट के समय प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय की प्रभावशीलता का भी परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा, “आधुनिक समय में आपदाओं से निपटने के लिए केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि हर नागरिक का जागरूक और प्रशिक्षित होना आवश्यक है। यह अभ्यास नागरिकों में सुरक्षा के प्रति सजगता विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगा।”
इन प्रमुख स्थलों पर और इस समय होगा आयोजन
यह मॉक ड्रिल कल अपराह्न 4:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे के बीच साहिबगंज के तीन प्रमुख स्थानों पर आयोजित की जाएगी। इन स्थलों पर वास्तविक आपातकालीन वातावरण तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा:
- प्रखंड कार्यालय परिसर, साहिबगंज: अपराह्न 4:00 बजे से
- संध्या महाविद्यालय, साहिबगंज: अपराह्न 4:00 बजे से
- साहिबगंज रेलवे स्टेशन परिसर: रात्रि 8:00 बजे से
मॉक ड्रिल की मुख्य गतिविधियाँ और सुरक्षा उपाय
अभ्यास के दौरान प्रशासन विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक प्रक्रियाओं का संचालन करेगा, जिसके तहत:
- सायरन प्रणाली का संचालन: हवाई हमले की चेतावनी के संकेत स्वरूप जिले में सायरन बजाया जाएगा।
- ब्लैकआउट अभ्यास: एक निर्धारित अवधि के लिए पूरे अभ्यास क्षेत्र में ब्लैकआउट किया जाएगा। इस दौरान नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों की बिजली, इन्वर्टर एवं किसी भी प्रकार के कृत्रिम प्रकाश स्रोतों का उपयोग न करें।
- सुरक्षित निकासी (Evacuation): आम नागरिकों को चिह्नित सुरक्षित स्थानों तक सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा। इसके साथ ही प्राथमिक उपचार (First Aid) और राहत कार्यों की जानकारी दी जाएगी।
- हाई-टेक मॉनिटरिंग: पूरे अभ्यास की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक शैडो कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके अलावा, ड्रोन कैमरों और वीडियोग्राफी के माध्यम से संपूर्ण ब्लैकआउट अभ्यास पर पैनी नजर रखी जाएगी।
कई विभागों का रहेगा आपसी समन्वय
इस महा-अभ्यास को सफल बनाने के लिए जिला पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS) और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों (NGOs) को सक्रिय रूप से जोड़ा गया है।
अंतिम समीक्षा बैठक में तैयारियों का जायजा लेने के लिए साहिबगंज के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अमर जॉन आईन्द, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, कार्यपालक दंडाधिकारी प्रमोद आनंद सहित पुलिस और जिला प्रशासन के तमाम आला अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने आम जनता से इस अभ्यास के दौरान पैनिक न होने और आपदा प्रबंधन की इस मुहिम में पूरा सहयोग देने की अपील की है।