कहलगांव स्टेशन यार्ड में ट्रैक सुधार कार्य पूरा: अब अधिक सुरक्षित और रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

मालदा/भागलपुर : पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। मंडल द्वारा कहलगांव स्टेशन यार्ड में ‘फोर्स्ड लेआउट सुधार कार्य’ (Forced Layout Improvement Work) को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है।

इस कदम से न सिर्फ रेल पटरियों (ट्रैक) की सुरक्षा मजबूत हुई है, बल्कि ट्रेनों के परिचालन की क्षमता में भी बड़ा सुधार आएगा।​यह महत्वपूर्ण कार्य मालदा के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) मनीष कुमार गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल अभियंता (समन्वय) निलेश कुमार गौरव की देखरेख में पूरा किया गया।

​क्या हुआ सुधार और क्या होगा फायदा

रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने मुस्तैदी से काम करते हुए कहलगांव यार्ड के क्रॉसओवर संख्या 56A और 56B में मौजूद तकनीकी कमियों (किंक) को पूरी तरह से हटा दिया। इस सुधार के बाद विक्रमशिला छोर की तरफ क्रॉसओवर की कुल लंबाई 2.21 मीटर बढ़ गई है।​

इस बदलाव के मुख्य फायदे :​

बेहतर ट्रैक ज्योमेट्री : पटरियों का अलाइनमेंट अब पहले से कहीं ज्यादा सटीक और दुरुस्त हो गया है।​

सुरक्षित सफर: इस रूट पर ट्रेनों का आवागमन पहले की तुलना में काफी सुरक्षित हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका ना के बराबर होगी।​

सुगम परिचालन: ट्रेनों की रफ्तार और संचालन में आने वाली रुकावटें दूर होंगी, जिससे यात्रियों को समय पर और बिना झटकों के आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।​

​मालदा रेल मंडल की यह सफलता रेलवे के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने और यात्रियों को सुरक्षित रेल सेवा देने की उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि वे अपने पूरे नेटवर्क पर बिना किसी रुकावट के ट्रेनों के संचालन को सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के आधुनिकीकरण और रखरखाव के कार्यों को आगे भी प्राथमिकता देते रहेंगे।

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