उधवा: साहिबगंज जिले के उधवा प्रखंड अंतर्गत सुतियारपाड़ा ग्राम पंचायत में एक बेहद गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है। उधवा अंचलाधिकारी आशीष कुमार मंडल ने कर्तव्य और सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही बरतने के आरोप में सुतियारपाड़ा पंचायत की मुखिया आरती टुडू को कारण बताओ (स्पष्टीकरण) नोटिस जारी किया है। अंचलाधिकारी द्वारा जारी ज्ञापांक 359/रा0 (दिनांक 13.07.2026) के तहत मुखिया को पत्र प्राप्ति के 3 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
जानें पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला एक आवेदक सोफियान अंसारी द्वारा जाति प्रमाण पत्र निर्गत कराने हेतु दिए गए आवेदन से जुड़ा है। अंचल कार्यालय द्वारा जब इस आवेदन की समीक्षा की गई, तो पाया गया कि मुखिया आरती टुडू द्वारा जाति प्रमाण पत्र के इस आवेदन में वंशावली के सत्यापन के क्रम में अलग-अलग पृष्ठों पर दो भिन्न-भिन्न वंशावली को प्रमाणित/सत्यापित कर दिया गया है।
प्रथम दृष्टया यह साफ तौर पर उजागर होता है कि मुखिया द्वारा बिना किसी आवश्यक भौतिक सत्यापन या समुचित जांच-पड़ताल के ही सीधे वंशावली को सत्यापित किया जा रहा है।
गलत लोगों को मिल सकता है लाभ: अंचलाधिकारी
अंचलाधिकारी ने अपने पत्र में सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि इस तरह बिना जांच किए वंशावली सत्यापित करने से अपात्र और गलत लोगों को भी जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र निर्गत होने की प्रबल संभावना बनी रहती है। उन्होंने यह भी अंदेशा जताया है कि मुमकिन है कि जानबूझकर किसी अपात्र व्यक्ति को अनुचित सरकारी लाभ दिलाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया हो।
अन्य सभी पंचायतों के मुखिया को भेजी गई प्रतिलिपि
अंचलाधिकारी ने बताया कि उनके संज्ञान में यह पहला ऐसा मामला आया है, जिस पर तुरंत कड़ा संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की गई है। अंचलाधिकारी का मानना है कि यदि सत्यापन के मुख्य स्तर पर ही इतनी बड़ी लापरवाही बरती जाएगी, तो कोई भी गलत व्यक्ति जाली दस्तावेज बनवाने में सफल हो जाएगा।
इस प्रकार की गलतियों की रोकथाम और भविष्य में सभी जनप्रतिनिधियों को सचेत करने के उद्देश्य से अंचलाधिकारी ने इस पत्र की एक-एक प्रतिलिपि उधवा अंचल के सभी पंचायतों के मुखिया को सूचनार्थ भेजी है, ताकि सभी मुखिया जागरूक रहें, दस्तावेजों की गंभीरता को समझें और भविष्य में सत्यापन के दौरान ऐसी बड़ी गलती दोबारा न दोहराएं।