स्वच्छता सह श्रमदान अभियान में शामिल छात्र छात्रा व अन्य
स्वच्छता सह श्रमदान अभियान में शामिल छात्र छात्रा व अन्य

साहिबगंज: गंगा को निर्मल और पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ रविवार सुबह मुक्तेश्वर धाम गंगा घाट पर एक भव्य स्वच्छता और श्रमदान अभियान चलाया गया। गंगा मिशन, कोलकाता के सौजन्य से और नगर परिषद, साहिबगंज के विशेष सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, छात्र-छात्राओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

60 मिनट का श्रमदान, गंगा के प्रति सम्मान

अभियान के दौरान घाट परिसर से भारी मात्रा में प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्र कर उनका सुरक्षित निस्तारण किया गया। घाट पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं से भी अपील की गई कि वे गंगा में साबुन, शैम्पू, प्लास्टिक, पॉलीथिन या दातुन का प्रयोग न करें और जलीय जीवों का संरक्षण करें।

इस मौके पर मॉडल कॉलेज राजमहल के प्राचार्य एवं जिला गंगा समिति के सदस्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने उपस्थित लोगों को प्रेरित करते हुए कहा:

“सिर्फ़ 60 मिनट का श्रमदान गंगा के प्रति सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी का सशक्त संदेश बन सकता है। आइए, स्वच्छ, निर्मल और अविरल गंगा के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।”

उन्होंने वन महोत्सव सप्ताह का जिक्र करते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने का आग्रह किया।

पर्यावरण और समाज सेवा की मिसाल हैं डॉ. रणजीत

कार्यक्रम के दौरान डॉ. रणजीत कुमार सिंह के सामाजिक योगदान की भी सराहना की गई। गौरतलब है कि डॉ. सिंह साल 2008 से ही प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और गंगा स्वच्छता अभियान से जुड़े हुए हैं। वे अब तक 45 हजार से अधिक पौधे लगा चुके हैं। सिर्फ पर्यावरण ही नहीं, स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उन्होंने खुद 19 बार रक्तदान किया है और 80 से अधिक रक्तदान शिविरों के माध्यम से 1200 से अधिक लोगों को रक्त उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाने में सक्रिय भूमिका निभाई है।

इन दिग्गजों ने भी जगाई जागरूकता

कार्यक्रम में नगर परिषद के एपीओ संजय कुमार तिवारी, कर्मी शिव हरि, सुरेश निर्मल, मुकेश कुमार, श्याम लाल उरांव और कुंदन सहित शिक्षा केंद्र के अनिकेत, नीति कुमारी व जिया कुमारी ने भी अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और नियमित श्रमदान पर जोर दिया।

संकल्प के साथ हुआ समापन:

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से हरित और प्रदूषणमुक्त पर्यावरण के निर्माण का संकल्प लिया और इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का वादा दोहराया।

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