परिचर्चा के दौरान मौजूद छात्र एवं अतिथि
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राजमहल (साहिबगंज): मॉडल कॉलेज राजमहल में बुधवार को विश्व भूगर्भ जल दिवस के अवसर पर प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में भूगर्भ जल के महत्व, इसके संरक्षण और सतत उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। परिचर्चा में कॉलेज के प्राध्यापकों, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने डिजिटल माध्यम से जुड़कर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने भूगर्भ जल को मानव जीवन के लिए ‘अमृत’ की संज्ञा देते हुए इसे स्वच्छ पेयजल का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत बताया। उन्होंने वर्तमान वैश्विक जल संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए इस वर्ष की थीम “जल और लैंगिक समानता” (Water and Gender Equality) पर विशेष प्रकाश डाला। डॉ. सिंह ने कहा कि जल संकट का सबसे गहरा असर महिलाओं और बालिकाओं पर पड़ता है, इसलिए जल प्रबंधन में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी से वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) अपनाने और जल के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस अवसर पर शिक्षा केंद्र साहिबगंज के निदेशक अनिकेत कुमार सहित कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी अपने विचार साझा किए। छात्र अभिषेक चौधरी ने कहा कि भूगर्भ जल के बिना मानव सभ्यता और प्रकृति का अस्तित्व असंभव है। परिचर्चा में निशा, छोटी, बबली, नेहा, सोनाली, पुष्पा, रेशमा और आदित्य सहित कई प्रतिभागियों ने भूगर्भ जल के घटते स्तर पर चिंता व्यक्त की और आम नागरिकों से जल संरक्षण के प्रति अधिक जिम्मेदार बनने की अपील की।

कार्यक्रम के समापन सत्र में प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों को भूगर्भ जल के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने की शपथ दिलाई। उन्होंने “जल बचाना ही जीवन बचाना है” का संदेश देते हुए प्रत्येक नागरिक को इस मुहिम में अपना सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस पूरे ऑनलाइन वेबिनार का सफल और सुचारू संचालन डॉ. रमजान अली द्वारा किया गया।

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