मालदा: पूर्व रेलवे के मालदा रेल मंडल ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2026) में शानदार प्रदर्शन करते हुए यात्री राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) कार्तिक सिंह की देखरेख में मालदा डिवीजन ने यात्री सुविधाओं में सुधार और बेहतर वाणिज्यिक प्रबंधन के दम पर ₹308 करोड़ से अधिक का राजस्व हासिल किया है।
सितंबर 2026 में 32.37 लाख यात्रियों ने की यात्रा
केवल सितंबर 2026 के आंकड़े देखें तो मालदा मंडल ने लगभग 32.37 लाख यात्रियों को सेवाएं दीं, जिससे ₹52.09 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। यह सितंबर 2025 की तुलना में एक बड़ी छलांग है, जब 29 लाख यात्रियों के सफर से ₹42.68 करोड़ की कमाई हुई थी।
पहली छमाही में 14.54% बढ़ा यात्री राजस्व
वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती छह महीनों (अप्रैल-सितंबर 2026) के दौरान:
- कुल यात्री संख्या: 2.14 करोड़ (वार्षिक आधार पर 8.50% की वृद्धि)
- कुल यात्री राजस्व: ₹308.62 करोड़ (वार्षिक आधार पर 14.54% का इजाफा)
यह आंकड़े मालदा डिवीजन की यात्री सेवाओं में लगातार हो रहे विस्तार और राजस्व सृजन की मजबूती को दर्शाते हैं।
टिकट चेकिंग और अन्य मदों से भी रिकॉर्ड कमाई
- टिकट चेकिंग आय: सितंबर 2026 में बिना टिकट या अनियमित यात्रा करने वालों से ₹1.52 करोड़ की वसूली की गई, जो पिछले साल की इसी अवधि से 113% अधिक है। वहीं, छमाही में कुल टिकट चेकिंग कमाई ₹12.73 करोड़ रही, जो बीते वर्ष के ₹6.88 करोड़ की तुलना में 85% अधिक है।
- अदर कोचिंग अर्निंग: कोचिंग सेवाओं से होने वाली संचयी कमाई ₹18.91 करोड़ तक पहुंच गई, जिसमें 21.76% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
- कमर्शियल संड्री अर्निंग: विविध वाणिज्यिक स्रोतों से कुल ₹6.99 करोड़ का राजस्व मिला। इसमें नॉन-फेयर रेवेन्यू (NFR) से ₹0.88 करोड़, पार्किंग शुल्क से ₹2.91 करोड़ और पे एंड यूज शौचालयों से ₹0.68 करोड़ का योगदान शामिल है।
मालदा रेल मंडल का यह प्रदर्शन साबित करता है कि कुशल वाणिज्यिक प्रबंधन और बेहतर यात्री सुविधाओं के जरिए रेलवे के विकास को नई ऊंचाई दी जा सकती है।
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