साहिबगंज: साहिबगंज महाविद्यालय की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्लेटिनम जुबली समारोह के अंतर्गत व्याख्यान माला का दौर जारी है। कार्यक्रम के तीसरे दिन महाविद्यालय के नंदन भवन में ‘भाषा की महत्ता’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में अंग्रेजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार उपस्थित रहे।
अंग्रेजी केवल एक भाषा नहीं, अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम: डॉ. प्रमोद कुमार
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि भाषा किसी भी व्यक्ति की पहली और सबसे महत्वपूर्ण पहचान होती है। उन्होंने अंग्रेजी भाषा की वैश्विक स्वीकार्यता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक अंतरराष्ट्रीय भाषा ही नहीं, बल्कि दुनिया की सर्वाधिक व्यापक और सर्वग्राही भाषाओं में से एक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने दैनिक संवाद, लेखन और विचार-विमर्श में समृद्ध और प्रभावशाली भाषा का प्रयोग करें, जिससे उनके व्यक्तित्व में निखार आ सके।
पारंपरिक तरीके से हुआ स्वागत, प्राचार्य ने जताया आभार
कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने मुख्य वक्ता डॉ. प्रमोद कुमार को पारंपरिक रूप से शॉल और पौधा भेंट कर सम्मानित किया। प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्लेटिनम जुबली समारोह महाविद्यालय के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है और इसके आयोजन से विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने छात्र-छात्राओं से इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने और अपने रचनात्मक सुझाव देने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में शिक्षक व छात्र-छात्राएं रहे मौजूद
कार्यक्रम का मंच संचालन पीजी सेमेस्टर-4 के छात्र सिमोन हेंब्रम ने किया। इस व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने भाषा के सही प्रयोग और व्यक्तित्व निर्माण में इसकी भूमिका से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझा।
उपस्थिति: इस अवसर पर अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. मरियम हेंब्रम, सहायक प्राध्यापक डॉ. सेमी विक्टर मरांडी, सहायक प्राध्यापक डॉ. संतोष कुमार चौधरी, डॉ. संजीव कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।



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