साहिबगंज: साहिबगंज महाविद्यालय में स्नातकोत्तर (पीजी) सेमेस्टर-4 के वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, मनोविज्ञान, भौतिकी विज्ञान और इतिहास विषयों के विद्यार्थियों की लघु शोध प्रबंध (डिजर्टेशन) की मौखिक परीक्षा आयोजित की गई। स्नातकोत्तर उपाधि की आंशिक पूर्ति के लिए परीक्षार्थियों द्वारा तैयार किए गए लघु शोध प्रबंधों के आधार पर यह परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
बाह्य एवं आंतरिक परीक्षकों की रही उपस्थिति
आयोजित मौखिक परीक्षा में बाह्य परीक्षक के रूप में सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के स्नातकोत्तर वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. नीरज बास्की तथा जंतु विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. निर्मला त्रिपाठी उपस्थित रहीं। वहीं, इतिहास विषय की परीक्षा में साहिबगंज महाविद्यालय के इतिहास विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. यशराज सिंह और भौतिकी विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. शफीक अहमद उपस्थित रहे।
प्राचार्य ने की शोध की मौलिकता और नैतिकता की सराहना
परीक्षा के उपरांत आयोजित विदाई समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुनील सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. सिंह ने सभी परीक्षार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने कहा कि लघु शोध विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की दिशा में एक अत्यंत सार्थक कदम है। छात्रों ने स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान की संभावनाओं को शोध के माध्यम से प्रस्तुत किया है, जो सराहनीय है।
प्राचार्य ने शोध की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी शोध कार्य की मौलिकता उसकी ईमानदार शोध-दृष्टि, पारदर्शी पद्धति, विश्वसनीय आंकड़ों, उचित सांख्यिकीय विश्लेषण, नैतिक मानकों के पालन तथा निष्पक्ष निष्कर्षों पर आधारित होती है। विद्यार्थियों को भविष्य में भी शोध के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
इनका रहा विशेष सहयोग
इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में वनस्पति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मीरा चौधरी, सहायक प्राध्यापक डॉ. दिवाकर प्रसाद निराला तथा डॉ. रश्मि रानी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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