तीनपहाड़ (साहिबगंज): सिद्धू-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (SKMDU) दुमका के अंतर्गत आने वाले मुंडली स्थित मॉडल कॉलेज राजमहल के छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लग गया है। परीक्षा में शामिल होने के बावजूद परीक्षा परिणाम में उन्हें ‘अनुपस्थित’ (Absent) दर्ज कर अनुत्तीर्ण कर दिया गया है। विश्वविद्यालय की इस गंभीर लापरवाही से नाराज 100 से अधिक विद्यार्थियों ने मंगलवार को कॉलेज परिसर में पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्राओं के हाथों में “हमें देरी नहीं, रिजल्ट चाहिए” लिखे पर्चे नजर आए, जिसके जरिए उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश जताया।
जानें पूरा मामला
दरअसल , यह पूरा मामला सिद्धू-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नातक प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2025-2029) की परीक्षा से जुड़ा है, जो 6 मार्च 2026 से शुरू हुई थी। प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के अनुसार, भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान विषयों के विद्यार्थियों ने कॉलेज में उपस्थित होकर अपने मुख्य विषयों की आंतरिक सैद्धांतिक (Internal Theory) परीक्षा दी थी। इसके बावजूद विश्वविद्यालय द्वारा जारी परीक्षा परिणाम में प्राप्तांकों के स्थान पर ‘अनुपस्थित’ दर्ज कर उन्हें फेल कर दिया गया है।
कॉलेज द्वारा संशोधित अंक भेजने के बाद भी नहीं हुआ सुधार
आंदोलित विद्यार्थियों ने बताया कि रिजल्ट में हुई इस बड़ी गड़बड़ी को लेकर 21 सितंबर 2026 को ही कॉलेज के प्राचार्य के माध्यम से विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को सामूहिक आवेदन सौंपा गया था। इसके साथ ही कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्रों के संशोधित अंकों से संबंधित जानकारी भी विश्वविद्यालय को भेजी जा चुकी है। इसके बावजूद लगभग एक महीना बीतने को है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। इसी बात से नाराज दर्जनों छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को दोबारा व्यक्तिगत आवेदन जमा किए और कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा किया।
छात्रों ने दी आंदोलन की चेतावनी
कॉलेज परिसर में प्रदर्शन कर रहे प्रणव कुमार साहा, नीलिमा किशु, श्रेष्ठा साहा, शांभवी साहा, विक्रम कुमार, नेहा साहा, कशिश कुमारी, सपना रॉय, अंशु कुमार और प्रिंस कुमार सहित दर्जनों विद्यार्थियों ने कहा कि इस त्रुटि के कारण उनका भविष्य अंधकार में लटक गया है।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि:
- मामले को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा रिकॉर्ड की तुरंत जांच की जाए।
- रिजल्ट में दर्ज गलत अनुपस्थिति को तत्काल सुधारा जाए।
- संशोधित परिणाम जल्द से जल्द जारी किया जाए।
विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे इसके खिलाफ और अधिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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