साहेबगंज /कोटालपोखर:साहेबगंज जिले में बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी के निर्देशानुसार आज कोटालपोखर थाना में ‘बाल मित्र थाना’ की अवधारणा पर एक विशेष उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस दौरान संरक्षण पदाधिकारी (गैर-संस्थागत देखरेख), साहेबगंज तथा चाइल्ड हेल्प लाइन के परियोजना समन्वयक ने थाना प्रभारी से औपचारिक मुलाकात कर ‘बाल मित्र थाना’ के उद्देश्य, संरचना, कार्यप्रणाली और दायित्वों के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की।
बाल हित सर्वोपरि: संवेदनशील और भयमुक्त वातावरण पर जोर
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि बाल मित्र थाना की मुख्य अवधारणा प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, संवेदनशील, सम्मानजनक और बाल-अनुकूल वातावरण प्रदान करना है। इसके तहत:
- देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों,
- बाल अपराध से प्रभावित बच्चों, तथा
- कानून से संघर्षरत (विधि से विवादित) बच्चों
के मामलों का निस्तारण “बाल हित सर्वोपरि” के सिद्धांत के अनुरूप अत्यंत मानवीय और प्रभावी दृष्टिकोण से किया जाएगा।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई
कार्यक्रम में बच्चों से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के लिए पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), चाइल्ड हेल्प लाइन और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर विशेष चर्चा हुई। आवश्यकता पड़ने पर पीड़ित या जरूरतमंद बच्चों को त्वरित सहायता और संदर्भन (Referral) सुविधा उपलब्ध कराने तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 सहित अन्य बाल संरक्षण कानूनों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
थाना प्रभारी ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन
कोटालपोखर थाना प्रभारी ने इस पहल का स्वागत करते हुए बाल संरक्षण से जुड़े हर मामले में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग बच्चों के सर्वोत्तम हित को सर्वोपरि रखते हुए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर अत्यंत संवेदनशील और जवाबदेह तरीके से कार्य करेगा।
यह संवादात्मक बैठक साहेबगंज जिले में संस्थागत समन्वय को मजबूत करने और बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक दूरगामी एवं सकारात्मक पहल साबित होगी।