राजमहल (साहिबगंज): जिले के विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधीक्षक उर्मिला हांसदा ने राजमहल अंचल अंतर्गत मध्य विद्यालय कन्हैया स्थान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रशासनिक सख्ती और सुधारात्मक कदमों से विद्यालय परिसर में हड़कंप के साथ-साथ व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जगी है।
उपस्थिति और अभिलेखों की गहन जांच
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधीक्षक ने शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति, विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के गठन तथा मध्याह्न भोजन (MDM) योजना के संचालन की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने खाद्यान्न के रखरखाव, चावल व राशि की उपलब्धता, भंडार पंजी, दैनिक व्यय पंजी, कैशबुक और एसएमएस (SMS) से संबंधित अभिलेखों का भौतिक सत्यापन किया। साथ ही, रसोईघर का मुआयना कर कार्यरत रसोइयों से भोजन की गुणवत्ता पर सीधी बातचीत की। इस दौरान विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक शंभु शर्मा से भी विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली गई।
बच्चों की शैक्षणिक प्रगति का लिया आकलन
अधिकारियों ने केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए कक्षाओं का सीधा निरीक्षण किया। जिला शिक्षा अधीक्षक ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उनकी शैक्षणिक समझ तथा सीखने के प्रतिफलों (Learning Outcomes) का अवलोकन किया। विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम आधारित प्रश्न पूछकर उनकी तार्किक क्षमता और प्रगति की परख की गई।
दिए गए सख्त निर्देश
निरीक्षण के अंत में जिला शिक्षा अधीक्षक ने प्रभारी प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को कई अहम निर्देश दिए:
- मध्याह्न भोजन योजना का संचालन पूर्णत: निर्धारित मेनू के अनुसार ही किया जाए।
- विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और उसमें निरंतरता बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास हों।
- विद्यालय परिसर, कक्षाओं और रसोईघर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध रूप से व्यवस्थाओं में सुधार लाया जाए।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार द्वारा संचालित सभी शैक्षणिक योजनाओं और सुविधाओं का सीधा और नियमित लाभ छात्र-छात्राओं तक पहुँचना चाहिए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सके।
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