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मालदा, 24 मार्च 2026:​पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने ‘कबाड़ से कला’ (Scrap to Art) और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जमालपुर लोको शेड के इंजीनियरों ने पुरानी और बेकार हो चुकी ट्रेनों के पुर्जों का इस्तेमाल करके एक बेहतरीन एयर कंप्रेसर यूनिट तैयार की है।​इस यूनिट का उद्घाटन आज सीनियर डीएमई (डीजल) कृष्ण कुमार दास ने किया। यह पूरा प्रोजेक्ट डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में पूरा हुआ।

इस नवाचार से क्या होगा फायदा

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​ईंधन और पैसे की बचत: पहले हवा के दबाव (Compressed Air) के लिए डीजल इंजनों को चालू रखना पड़ता था, जिससे काफी तेल खर्च होता था। अब इस इन-हाउस यूनिट से डीजल और बिजली दोनों की भारी बचत होगी।​

काम में तेज़ी: अब मशीनों को चलाने, पुर्जों की सफाई और ग्राइंडिंग जैसे कामों के लिए इंजन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे काम कम समय में पूरा होगा।​

पर्यावरण के अनुकूल: बेकार पड़े स्क्रैप का सही इस्तेमाल करके रेलवे ने पर्यावरण संरक्षण और ‘ग्रीन रेलवे’ के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाया है।​

आत्मनिर्भर पहल: यह मशीन पूरी तरह से रेलवे के अपने संसाधनों और कर्मचारियों की मेहनत से तैयार की गई है, जिससे बाहर से मशीन खरीदने का खर्च बच गया है।

खास बात: यह नई कंप्रेसर यूनिट तुरंत 10 किग्रा/सेमी² तक हवा का दबाव पैदा करने में सक्षम है, जो रेलवे के भारी रख-रखाव कार्यों के लिए बहुत जरूरी है।

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