उधवा (साहिबगंज): प्रखंड अंतर्गत राधानगर पंचायत भवन के सभागार में बुधवार को संकुल स्तरीय आजीविका सखी मंडल की वार्षिक आमसभा का आयोजन किया गया। इस बैठक में पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
260 समूहों से जुड़ी हैं 2824 ग्रामीण महिलाएं
कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि राधानगर संकुल के अंतर्गत कुल चार पंचायतें आती हैं, जहां वर्तमान में 260 स्वयं सहायता समूह सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन समूहों के माध्यम से क्षेत्र की 2,824 महिलाएं संगठित होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। आमसभा में सखी मंडलों की वार्षिक आय-व्यय का ब्योरा प्रस्तुत किया गया और विगत वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा की गई।
मुर्गी पालन व कौशल विकास से मिलेगी नई पहचान
बैठक में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका के साधनों को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुर्गी पालन सहित अन्य स्वरोजगार आधारित गतिविधियों से लगातार जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं और स्थानीय युवाओं के कौशल विकास (Skill Development) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।
कार्यक्रम के दौरान नेहा स्वर्णकार ने संबोधित करते हुए कहा, “स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और अपने परिवार को सहारा दे रही हैं।”
आगामी कार्ययोजना पर चर्चा
आमसभा में आगे की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसमें तय किया गया कि क्षेत्र की अधिक से अधिक महिलाओं को सखी मंडलों से जोड़कर उन्हें आजीविका संवर्धन के विभिन्न अवसरों का लाभ पहुंचाया जाएगा।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
वार्षिक आमसभा में परवीन कुमार, सिद्धांत मंडल, हुमायूं , अचिंत मंडल, पूनम कुमारी, पिंकी कुमारी, अमल मंडल, पिकाय घोष, मामुनि मंडल, मीना साहा, आशा देवी, चांदनी खातून, अंजू देवी, सुनीता देवी समेत दर्जनों सखी मंडल की सदस्य व स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।



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