कोलकाता / राजमहल : पूर्व रेलवे की रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रेन में हुई 16.41 लाख रुपये की बड़ी चोरी के मामले को सुलझा लिया है। पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पाण्डेय के नेतृत्व और कुशल समन्वय के चलते पुलिस ने घटना के कुछ ही दिनों के भीतर मुख्य आरोपी और चोरी का सामान खरीदने वाले सर्राफा व्यापारी को गिरफ्तार कर लिया। RPF ने आरोपियों के पास से सोने के आभूषण, चांदी के सिक्के और नकदी बरामद की है।
‘रेल मदद’ पोर्टल की शिकायत पर त्वरित एक्शन
यह घटना 15 सितंबर 2026 को सामने आई थी, जब कोटलपुकुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन संख्या 12378 डाउन पदातिक एक्सप्रेस के कोच S-1 में एक यात्री के कीमती सामान की चोरी हो गई थी। पीड़ित यात्री ने तुरंत ‘रेल मदद’ पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। चोरी गए सामान में सोने के गहने, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के और मोबाइल फोन शामिल थे, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹16.41 लाख थी।
CCTV फुटेज और खुफिया जानकारी से पकड़ाया चोर
मामले की गंभीरता को देखते हुए RPF पोस्ट पाकुड़, RPF पोस्ट बरहरवा और CIB बर्द्धवान के कर्मियों की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने कोटलपुकुर स्टेशन के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की बारीकी से जांच की, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति को ट्रेन के कोच S-1 में गलत दिशा से चढ़ते देखा गया।
CCTV साक्ष्यों और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से संदिग्ध की पहचान की गई। इसके बाद राजमहल थाना पुलिस के सहयोग से नागेश्वर बाग गांव स्थित आरोपी के ससुर के घर पर छापेमारी की गई, जहां से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
बरामदगी और सोनार की गिरफ्तारी
आरोपी के पास से एक बैग में रखे टूटे सोने के चूड़े, बाला, हार, अंगूठी, पेंडेंट वाली चेन, बच्चे का बाजूबंध, देवी का मुकुट, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के और ₹1,41,000 नकद बरामद हुए।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने दो सोने की चेन और दो जोड़ी बालियां राजमहल के लालू मार्केट स्थित एक आभूषण विक्रेता को ₹1,41,500 में बेची थीं। इस सूचना पर पुलिस ने तुरंत दुकान पर रेड मारकर चोरी का सामान खरीदने वाले व्यापारी को भी गिरफ्तार कर लिया और बाकी बचे गहने बरामद कर लिए।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में GRPS बरहरवा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(C), 317(2) और 3(5) के तहत केस संख्या 48/2026 दर्ज किया गया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, यह सफलता यात्रियों द्वारा ‘रेल मदद’ ऐप के त्वरित उपयोग और पुलिस-RPF के सटीक तालमेल का नतीजा है।



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