तीनपहाड़ (साहिबगंज): झारखंड के साहिबगंज जिला अंतर्गत तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के बभनगामा गांव के रहनेवाले एक युवा मजदूर की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। गुजरात के अहमदाबाद में सड़क हादसे का शिकार हुए 22 वर्षीय सुमन मंडल की घर लौटने के दौरान रास्ते में ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने गया था गुजरात
मृतक के पिता कार्तिक मंडल ने पुलिस को बताया कि सुमन चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था और घर की आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए अहमदाबाद की ‘किटेन एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी में मजदूरी करने गया था। करीब 15 दिन पहले काम पर जाने के दौरान वह एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया था।
कंपनी पर इलाज बीच में ही रुकवाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने उसे अस्पताल में भर्ती तो कराया, लेकिन उसका समुचित इलाज नहीं करवाया गया। डॉक्टरों ने घायल सुमन के इलाज का खर्च 10 से 15 लाख रुपये बताया था, जिसका प्रबंध करना इस गरीब परिवार के लिए असंभव था। भारी-भरकम खर्च की बात सामने आते ही कंपनी के लोगों ने इलाज बीच में ही बंद करवा दिया और उसे काम से हटा दिया।
एंबुलेंस से घर लाने के दौरान रास्ते में हुई मौत
कंपनी द्वारा मदद से हाथ खड़े करने के बाद बेबस परिजन हार मानकर बुधवार को एंबुलेंस के जरिए सुमन को अहमदाबाद से अपने पैतृक गांव बभनगामा के लिए लेकर रवाना हुए। सफर के दौरान शुक्रवार को रास्ते में उसकी तबीयत अचानक बेहद बिगड़ गई और घर पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही तीनपहाड़ थाने के एसआई महेंद्र कुमार तुरंत मृतक के घर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों से मामले की पूरी जानकारी ली और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।


