राजमहल : शारदीय नवरात्र के पहले दिन से ही मां दुर्गा की आराधना का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। राजमहल और मंगलहाट क्षेत्र में पूजा समितियों की ओर से भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में कन्याओं और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
राजमहल रेलवे परिसर: गंगा तट से जल भरकर शुरू हुई पूजा

साहिबगंज जिले के राजमहल रेलवे परिसर सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से शारदीय नवरात्र की पहली पूजा के अवसर पर महिलाओं और कन्याओं द्वारा एक भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। मंदिर परिसर से गाजे-बाजे के साथ यह यात्रा सूर्यदेव घाट स्थित उत्तर वाहिनी गंगा तट पर पहुंची। यहां पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरा गया, जिसके बाद नगर भ्रमण करते हुए शोभायात्रा वापस मंदिर परिसर लौटी।
कमेटी के सदस्यों ने जानकारी दी कि आज से मंदिर में विधिवत दुर्गा पूजा शुरू हो गई है। दशमी के दिन विशेष आतिशबाजी और रावण वध का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही, हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्य मूर्ति विसर्जन का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष पंकज घोष सहित अन्य सदस्यों ने इस वर्ष होने वाले आयोजनों की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।
मंगलहाट: 5001 कन्याओं ने निकाली ऐतिहासिक कलश यात्रा

वहीं दूसरी ओर, साहिबगंज जिले के मंगलहाट सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से एक अलौकिक और भव्य आयोजन देखने को मिला। यहाँ कन्याओं द्वारा विशाल कलश शोभायात्रा निकाली गई। मंदिर परिसर से उठकर यह यात्रा ढेरगामा के रास्ते कन्हैयास्थान उत्तर वाहिनी गंगा तट पहुँची, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश में जल भरा गया। पुनः इसी मार्ग से यात्रा वापस मंदिर पहुँची।
कमेटी के सदस्यों ने बताया कि इस भव्य आयोजन के साथ ही मंगलहाट में दुर्गा पूजा और मेले का शुभारंभ हो गया है। इस वर्ष उत्सव को और खास बनाने के लिए कई सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है:
- दशमी: आतिशबाजी और रावण वध।
- एकादशी: नौका वॉच, पारंपरिक आदिवासी नृत्य और अन्य मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ।
मंगलहाट पूजा समिति के सदस्यों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से इस महापर्व में शामिल होने और मेलों का आनंद उठाने की अपील की है। दोनों ही स्थानों पर कलश यात्रा के दौरान गूंजते माता के जयकारों से पूरा इलाका भक्तिमय नजर आया।



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