साहिबगंज: साहिबगंज महाविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी विभागाध्यक्षों और प्राध्यापकों ने हिस्सा लिया। बैठक में मुख्य रूप से यूजी (UG) सेमेस्टर-6 के बाद विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक विकल्पों, एग्जिट प्रावधान, चौथे वर्ष में नामांकन तथा शोध (Research) से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सिदो कान्हू मुर्मू विवि की SOP के पालन पर जोर
बैठक में महाविद्यालय के एनईपी नोडल पदाधिकारी एवं अंग्रेजी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सेमी विक्टर मरांडी ने सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका में आयोजित बैठक के मुख्य बिंदुओं को साझा किया। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की जानकारी देते हुए बताया कि सभी महाविद्यालयों के लिए इसका अनिवार्य रूप से पालन करना आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों को NEP के तहत मिलने वाले अध्ययन, एग्जिट, उच्च शिक्षा एवं शोध संबंधी विकल्पों की स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।
4 वर्षीय स्नातक और शोध को बढ़ावा देने की अपील
प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि सेमेस्टर-6 के बाद विद्यार्थियों को अपने भविष्य और आगे की पढ़ाई के लिए सही निर्णय लेने हेतु स्पष्ट मार्गदर्शन मिलना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से छात्रों के बीच शोध के प्रति रुचि विकसित करने और उन्हें 4 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि:
- एग्जिट का प्रावधान: सेमेस्टर-6 के बाद पढ़ाई छोड़ने (Exit) वाले विद्यार्थियों को नियमानुसार यूजी डिग्री दी जाएगी।
- ऑनर्स डिग्री: यूजी ऑनर्स की डिग्री प्राप्त करने के लिए छात्रों को आगे के निर्धारित प्रावधानों को पूरा करना होगा।
कक्षाओं में कम उपस्थिति पर चिंता
बैठक के दौरान प्राचार्य ने महाविद्यालय की कक्षाओं में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों एवं शिक्षकों को विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और परिसर में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने के निर्देश दिए।
छात्रावास के छात्रों का बनेगा डेटाबेस
कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से प्राचार्य ने छात्रावास अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों का एक विस्तृत डेटाबेस तैयार कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। इसके अलावा, परिसर में स्वच्छता, साफ-सफाई और हरियाली बनाए रखने के लिए सभी से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया गया।
बैठक में बेहतर पठन-पाठन का वातावरण बनाने के लिए शिक्षकों द्वारा कई सुझाव दिए गए। इस अवसर पर भूगर्भशास्त्र विभागाध्यक्ष सैयद रजा इमाम रिजवी, मैथिली विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव ज्योति कुमार सिंह, डॉ. संजीव कुमार सिंह, डॉ. शिवानंद अवस्थी, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. मीरा चौधरी, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. वसीम रजा, डॉ. शोभा मुर्मू, डॉ. रूपा, डॉ. रश्मि रानी, डॉ. सोनू फ्रांसिस मुर्मू, डॉ. संतोष कुमार चौधरी, डॉ. दिनेश कुमार यादव, डॉ. जिशु हेंब्रम, प्रोफेसर मरियम हेंब्रम, डॉ. सोनू कुमार साहू, डॉ. मोहम्मद हसनैन, डॉ. जितेंद्र एवं प्रोफेसर नितिन कुमार समेत कई प्राध्यापक उपस्थित थे।
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