राजमहल : नगर पंचायत प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद स्थानीय दुकानदारों का गुस्सा फूट पड़ा। गांधी चौक और स्टेशन चौक के समीप सड़क किनारे लगी दुकानों पर बुलडोजर चलाए जाने से आक्रोशित दुकानदारों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
बिना सूचना दुकानें उजाड़ने का आरोप
पीड़ित दुकानदारों ने नगर पंचायत प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पिछले 20 से 30 वर्षों से इसी स्थान पर अपनी दुकानें लगाकर परिवार की रोजी-रोटी चला रहे हैं। उनका कहना था कि नगर पंचायत कर्मियों ने अचानक आकर दुकानें पीछे हटाने का निर्देश दिया और संभलने या सामान समेटने का पर्याप्त समय दिए बिना ही दुकानों पर बुलडोजर चला दिया।
मलबे में दबा हजारों का सामान, कई घायल
दुकानदारों के अनुसार, अचानक हुई इस तोड़फोड़ में कई दुकानों के फल और अन्य कीमती सामान मलबे में दबकर पूरी तरह नष्ट हो गए, जिससे उन्हें हजारों रुपये का भारी नुकसान हुआ है। वहीं, कार्रवाई की आपाधापी में टिन और मलबे की चपेट में आने से दुकानदार को चोटें भी आई हैं।
नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने समझा-बुझाकर शांत कराया मामला
सड़क जाम और उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर पंचायत के उपाध्यक्ष मो. मारूफ उर्फ गुड्डू तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित दुकानदारों से वार्ता की और समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित कराया।
उपाध्यक्ष ने दुकानदारों को समझाया कि सड़क किनारे की दुकानें अतिक्रमण के दायरे में आती हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने फिलहाल दुकानदारों को सड़क से एक निश्चित दूरी बनाकर ही अपनी दुकानों का संचालन करने की सलाह दी, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
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