साहिबगंज। साहिबगंज कॉलेज में लाइफ साइंस विभाग के तत्वावधान में 3 अक्टूबर को विश्व प्रकृति दिवस के अवसर पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।
पौधा और फोटो फ्रेम देकर किया गया स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत लाइफ साइंस विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मीरा चौधरी ने की। उन्होंने प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह को प्रकृति संरक्षण का संदेश प्रदर्शित करता हुआ फोटो फ्रेम और एक पौधा भेंट कर स्वागत किया। विषय प्रवेश कराते हुए डॉ. मीरा चौधरी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 3 अक्टूबर को विश्व प्रकृति दिवस प्रकृति के प्रति जागरूकता और उसके संरक्षण का संदेश देने के लिए मनाया जाता है। मानव जीवन पूरी तरह प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर बल
सेमिनार में वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. दिवाकर प्रसाद निराला ने विश्व प्रकृति दिवस के उद्देश्य और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, भूमि और खनिज जैसे सीमित प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण व संतुलित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए जनमानस में जागरूकता बेहद आवश्यक है।
इस दौरान जंतु विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. रश्मि रानी, बीएड विभाग के प्राध्यापक प्रो. नितिन कुमार, वाणिज्य विभाग की सहायक प्राध्यापिका प्रो. कोमल कुमारी और हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. प्रिया सिंह ने भी प्रकृति संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
“जल बचाएं, पेड़ लगाएं, प्लास्टिक हटाएं और स्वच्छता अपनाएं”
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने कॉलेज के ध्येय वाक्य “जल बचाएं, पेड़ लगाएं, प्लास्टिक हटाएं तथा स्वच्छता अपनाएं” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण वास्तव में मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का संरक्षण है।
उन्होंने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलावों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा, “अनावश्यक रूप से पानी की बर्बादी रोकना, बिजली की बचत करना, प्लास्टिक का उपयोग कम करना और अधिक से अधिक पौधे लगाना आवश्यक है। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक उनकी सही देखभाल करना ही वास्तविक प्रकृति संरक्षण है।”
विद्यार्थियों ने भी रखी अपनी बात
सेमिनार में हिंदी विभाग के छात्र प्रभु राम कुमार एवं रानी कुमारी के साथ-साथ वनस्पति विज्ञान विभाग के अन्य छात्र-छात्राओं ने भी प्रकृति, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय कर्मी भादो मुर्मू, अमित कुमार सिंह, श्याम सहित अन्य कर्मियों का सराहनीय योगदान रहा। इस आयोजन के माध्यम से उपस्थित विद्यार्थियों एवं लोगों को पर्यावरण हितैषी व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।
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