तीनपहाड़ : ग्यारहवीं शरीफ के मुबारक मौके पर मंगलवार की रात तीनपहाड़ स्थित भोला हाजी के आवास के समीप रज़ा-ए-मुस्तफा कमेटी द्वारा ‘गौसुल वरा कॉन्फ्रेंस’ (जलसा) का शानदार आयोजन किया गया। इस धार्मिक जलसे में बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की, जो देर रात तक पुरअम्न माहौल में जारी रहा।
पीर-ओ-मुर्शिद गौसे आज़म के नक्शेकदम पर चलने का आह्वान
उत्तर प्रदेश से आए मशहूर आलिम-ए-दीन मौलाना हासिम अशरफी कानपुरी ने अपनी तकरीर में लोगों को नेकी और सच्चाई की राह अख्तियार करने की नसीहत दी। उन्होंने पीरों के पीर हजरत गौसे आज़म शेख अब्दुल कादिर जिलानी की हयात और तालीमात पर तफसील से रोशनी डालते हुए सभी से उनके नक्शेकदम पर चलने की अपील की। मौलाना ने इस दौरान हाजिरन को पुराने गुनाहों से तौबा कराई और आइंदा बुराइयों से दूर रहने का अहद दिलाया।
नात-ए-पाक और दीन-ए-इस्लाम की बातें
जलसे में यूपी से आए मशहूर शायर-ए-इस्लाम मोहम्मद अली फैजी ने अपनी मखमली आवाज में नात-ए-पाक पेश कर समां बांध दिया, जिससे अकीदतमंद देर रात तक झूमते रहे। वहीं, ओडिशा से तशरीफ लाए मुफ्ती शहाबुद्दीन सकाफी ने भी खिताब फरमाते हुए लोगों को नमाज और रोजे का पाबंद बनने की ताकीद की।
तबर्रुक वितरण के साथ समापन
कॉन्फ्रेंस के अंत में मुल्क में अमन, चैन और तरक्की के लिए खास दुआ की गई। इसके बाद सभी जायरीन के बीच तबर्रुक के रूप में खिचड़ा और मिठाई बांटी गई। जलसे को कामयाब और व्यवस्थित बनाने में रज़ा-ए-मुस्तफा कमेटी के सभी नौजवानों और सदस्यों की भूमिका सराहनीय रही।
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